बहराइच। जिला पंचायत सदस्य गब्बर सिंह व उनकी पत्नी की कुर्क की गई संपत्ति को अवमुक्त करने का आदेश विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर की अदालत ने जिला मजिस्ट्रेट को दिया है। यह आदेश सुप्रीम कोर्ट द्वारा गब्बर सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर व गैंगस्टर की कार्रवाई निरस्त किए जाने के बाद पारित किया गया।
वर्ष 2022 में कोतवाली नगर में देवेंद्र सिंह उर्फ गब्बर के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके विरुद्ध गब्बर ने उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दाखिल की थी, जो खारिज हो गई थी। इसके बाद उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में अपील की।
सर्वोच्च न्यायालय ने 20 मार्च को सुनवाई करते हुए कहा कि गब्बर के खिलाफ दर्ज एफआईआर और गैंगस्टर चार्ट नियमानुसार तैयार नहीं किए गए थे और कार्रवाई में गंभीर त्रुटियां थीं। ऐसे में अदालत ने एफआईआर व गैंगस्टर की कार्रवाई को निरस्त कर दिया।
इसके बाद गब्बर सिंह ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर विराट शिरोमणि की अदालत में मुकदमे की कार्रवाई समाप्त करने के लिए आवेदन दिया। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि जब सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मूल एफआईआर ही निरस्त कर दी गई है, तो संबंधित मुकदमे को जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है। गब्बर सिंह व उनकी पत्नी सारिका सिंह ने अधिवक्ता के माध्यम से कुर्क की गई संपत्ति को अवमुक्त करने की भी गुहार लगाई थी। इस पर सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश ने याचिका स्वीकार कर ली।
अदालत ने मंगलवार को अपने आदेश में कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के 20 मार्च के आदेश के अनुपालन में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा 23 जुलाई 2007, 3 जनवरी 2023, 16 दिसंबर 2024 और 14 जनवरी 2026 को पारित आदेशों को निरस्त किया जाता है। साथ ही, दोनों की कुर्क संपत्ति को अवमुक्त करने के निर्देश दिए गए।