बहराइच के घंटाघर में ई-रिक्शा पर आगे पट्टी पर यूनिक आईडी कोड लिखवाती पुलिस।
बहराइच। शहरवासियों को जाम से राहत दिलाने के लिए प्रशासन की तमाम कोशिशें अब तक धरातल पर उतर नहीं पाई हैं। ई रिक्शा संचालकों के लिए रूट निर्धारण और ड्रेसकोड जैसी योजनाएं सिर्फ फाइलों में सिमट कर रह गई हैं, जबकि शहर की सड़कों पर जाम की समस्या जस की तस बनी हुई है।
जिले में 12,300 ई रिक्शा पंजीकृत हैं। बीते वर्ष दिसंबर में प्रशासन ने महिलाओं की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए ई रिक्शा चालकों का ड्रेसकोड तय करने और रूट निर्धारण की कार्ययोजना तैयार की थी। उद्देश्य था कि नाबालिग व असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण के साथ जाम की समस्या से भी निजात मिले। लेकिन योजना को लागू करने के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
हालांकि, हाल ही में पयागपुर हादसे से सबक लेते हुए पुलिस विभाग ने पहल की है। अब ई रिक्शों को थानावार यूनिक आईडी कोड नंबर जारी किए जा रहे हैं, जो वाहनों पर अंकित किए जाएंगे। इस पहल से न केवल वाहनों की पहचान आसान होगी, बल्कि उनका संचालन भी निर्धारित थाना क्षेत्र में ही सीमित रहेगा। प्रभारी क्षेत्राधिकारी यातायात रमेशचंद्र पांडेय ने बताया कि जिले भर में ई रिक्शा वाहनों पर थानावार यूनिक कोड अंकित किए जा रहे हैं। अब तक आठ हजार से अधिक वाहनों को कोड जारी कर दिए गए हैं। एक सप्ताह में यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। शहर में ई रिक्शा संचालन के लिए डायवर्जन पहले से लागू है।
थानावार रूट निर्धारण की प्रक्रिया शुरू
शहर में ई रिक्शा रूट निर्धारण के लिए थानावार यूनिक कोड नंबर जारी किए जा रहे हैं। इस प्रक्रिया के पूरा होते ही ड्रेसकोड की व्यवस्था भी लागू की जाएगी।
- ओपी सिंह, एआरटीओ (प्रवर्तन)