कैसरगंज के रसूलाबाद गांव में दो पक्षों में पंचायत चुनाव को लेकर हुई फायरिंग व मौत की घटना के दूसरे दिन आईजी गोरखपुर व डीआईजी देवीपाटन ने गांव का दौरा किया। पीड़ितों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। फायरिंग में लाइसेंसी असलहों के प्रयोग होने पर आईजी ने एसओ को दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। नामजद अभियुक्तों व माफिया अतुल सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश भी दे रही हैं।
कैसरगंज थाना अंतर्गत वार्ड नंबर 63 से जिला पंचायत सदस्य पद पर राजन सिंह चुनाव लड़ रहे थे। उनके सामने रणंजय सिंह की पत्नी रीता सिंह भी चुनाव मैदान में थीं। राजन सिंह का आरोप है कि रणंजय सिंह के समर्थक माफिया अतुल सिंह उन्हें चुनाव नहीं लड़ने की धमकी दे रहा था।
जिसको लेकर शनिवार को माफिया ने गांव में पहुंचकर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इसमें गुलाब सिंह उर्फ गुल्ले की मौके पर मौत हो गई थी। घटना की सूचना मिलने पर आईजी गोरखपुर पीसी मीना रविवार को डीआईजी देवीपाटन जेपी सिंह के साथ घटनास्थल पहुंचे। आईजी ने पीड़ित परिवार से मिलकर घटना की जानकारी ली।
एसपी सालिकराम वर्मा ने बताया कि घटना में गिरफ्तारी के लिए माफिया के तीन ठिकानों पर दबिश दी गई है। अन्य जगहों पर भी छापेमारी की जा रही है।