कटरा। थाईलैंड के अनुयायियों का दल रविवार को बुद्ध की तपो॓स्थली श्रावस्ती पहुंचा। उन्होंने भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में तपोस्थली के विभिन्न स्थानों पर अपने रीति-रिवाज के अनुसार पूजा-अर्चना की। इसके बाद बौद्ध सभा का आयोजन किया गया।
बौद्ध भिक्षु देवानंद ने सभा में अनुयायियों को उपदेश दिए। उन्होंने कहा कि भगवान गौतम बुद्ध ने मनुष्य को मोह का त्याग करने की शिक्षा दी है। राजा का पुत्र होने के बाद भी भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त करने के लिए त्याग का मार्ग चुना।
उन्होंने सांसारिक भोग विलास का त्याग कर पारिवारिक मोह-माया को भी छोड़ दिया। इसी तरह मनुष्य को भी ज्ञान के लिए सांसारिक बंधनों के प्रति लगाव कम करना होगा। अधिक मोह ही मनुष्य के दुख का कारण भी बनता है। मोह-माया त्यागने मात्र से ही परम शांति की अनुभूति होती है। इस मौके पर काफी संख्या में बौद्ध अनुयायी मौजूद रहे।