बहराइच। रिसिया क्षेत्र के कादियापुर गांव निवासी लालू को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो की कोर्ट ने शुक्रवार को नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के मामले में दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने 70 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की धनराशि अदा न करने पर दोषी को पांच माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
रिसिया क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 18 अक्तूबर 2016 को थाने में तहरीर दी थी। तहरीर में कहा गया था कि उसकी 16 वर्षीय बेटी को कदियापुर गांव निवासी लालू 18 अक्तूबर 2016 को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। काफी खोजबीन करने पर भी बेटी का कहीं पता नहीं चला। थाने की पुलिस ने लालू के खिलाफ तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू करते हुए साक्ष्यों व पीड़िता के बयान के साथ विवेचना रिपोर्ट कोर्ट में सौंपी थी। शुक्रवार को मुकदमे में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो दीप कांतमणि की कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई। इस दौरान न्यायाधीश ने अभियोजन व बचाव पक्ष की दलील सुनने के बाद मुकदमे में अभियुक्त को दोषी करार देते हुए दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।