दंगा नियंत्रण करने के लिए रविवार को पुलिस लाइन परिसर में अभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। एसपी नेहा पांडेय की अगुवाई में पुलिस कर्मियों ने दंगा नियंत्रण की बारीकियों का समझा। इस अभ्यास में सब इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर, सीओ व एडीशनल एसपी शामिल हुए।
रमजान माह, अलविदा की नमाज और ईद समेत अन्य पर्वों को देखते हुए रविवार को पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में दंगा नियंत्रण अभ्यास का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान सीओ से लेकर कोतवाल तक दंगाइयों को नियंत्रित करने के लिए जुटे रहे।
अभ्यास के दौरान दंगाइयों की ओर से नारेबाजी करते हुए पुलिस पर पत्थरबाजी की गई। जिसका जवाब देते हुए पुलिस के जवानों ने मिर्ची बम, आंसू गैस और टियर गन का प्रयोग करते हुए दंगाइयों को खदेड़ने का अभ्यास किया। एसपी नेहा पांडेय ने अभ्यास का निरीक्षण कराते हुए पुलिसकर्मियों को दंगा नियंत्रण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी।
दंगा नियंत्रण में फायरिंग पार्टी की अगुवाई कर रहे मुख्य आरक्षी महेंद्र प्रताप सिंह की ओर से किए गए प्रदर्शन की लोगों ने काफी सराहना की। अभ्यास के दौरान एएसपी दिनेश त्रिपाठी, सीओ अजय भदौरिया, अकमल खान, भरत यादव, आनंद वीर सिंह, कोतवाल राजेंद्र वर्मा आदि मौजूद रहे।
पुलिस अधीक्षक ने रविवार को पुलिस लाइन परेड ग्राउंड से शासन की ओर से पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत जिले को उपलब्ध कराए गए 19 वाहनों को थानों के लिए रवाना किया। एसपी ने बताया कि नये वाहन मिलने से थाने की पुलिस किसी भी घटना के होने पर तत्काल कार्रवाई कर सकेगी।
पुलिसकर्मियों को पुराने वाहनों से होने वाली दिक्कतों से भी निजात मिल सकेेगी। उन्होंने बताया कि जनपद के हाईवे पर पड़ने वाले थानों में भेजे गए नए वाहन हादसों के होने पर तत्काल सहायता भी करेंगे।