रुपईडीहा (बहराइच)। नेपाल में राजस्व लक्ष्य की पूर्ति के लिए भारत में खरीददारी कर ले जाए जाने वाले सामान पर टैक्स वसूली के निर्देश दिए गए हैं। अलग-अलग उत्पादों पर अलग-अलग टैक्स वसूला जाएगा।
इस कदम से नेपाल के नागरिक सकते में आ गए हैं। सीमा के जमुनहा चौकी पर टैक्सी वसूली की सख्ती के चलते शुक्रवार को लोग खरीददारी के लिए रुपईडीहा बाजार नहीं गए। इस कारण सन्नाटा पसरा रहा।
नेपाल में खाद्य पदार्थों की आपूर्ति भारतीय बाजारों से होती है। ऐसे में नेपाल के बांके, बर्दिया आदि जिलों के लोग अक्सर खरीददारी करने के लिए भारत के रुपईडीहा, सुजौली, बिछिया, मिहींपुरवा और नानपारा बाजारों को आते हैं।
यहां से सभी सब्जी, अनाज व अन्य खाद्य पदार्थों की खरीददारी करके ले जाते हैं लेकिन भारत से खरीददारी कर सामान्य तरीके से लाए जाने वाली वस्तुओं पर नेपाल सरकार ने टैक्स वसूली के निर्देश दे दिए हैं।
यह कदम राजस्व लक्ष्य की पूर्ति के लिए उठाया गया है। गौरतलब हो कि नेपाल में मधेसी आंदोलन के चलते बीते दो महीने में लगभग 26 हजार अरब रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ था। इसकी भरपाई के लिए बांके जिले को वार्षिक राजस्व वसूली लक्ष्य 415 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 565 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।
इस बारे में नेपालगंज कस्टम अधिकारी राजेंद्र कुमार हमाल ने बताया कि नेपाल में राजस्व प्राप्ति के लिए सख्ती की गई है, जिससे लक्ष्य पूरा किया जा सके। डीएसपी आर्म्स पुलिस बांके जेएस बोगा ने बताया कि राजस्व की पूर्ति के लिए तीनों विभाग की एक संयुक्त टीम नेपाल सरकार के आदेश पर बनाई गई है।
निर्धारित है यह टैक्स
नेपाल के कस्टम इंस्पेक्टर बाबूराम बलम पांकी ने बताया कि सब्जियों पर पांच प्रतिशत टैक्स और 13 प्रतिशत भेंट अदा करना होगा, जबकि रेडीमेड कपड़ों पर 20 प्रतिशत टैक्स और 13 प्रतिशत भेंट तथा खाद्यान्न पर 10 प्रतिशत टैक्स और 13 प्रतिशत भेंट और इलेक्ट्रिक उत्पाद पर 4 प्रतिशत टैक्स और 13 प्रतिशत भेंट कर अदा करना होगा। वस्तुओं के निर्धारित मूल्य पर ही टैक्स लिया जाएगा।