बहराइच। स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। संभावित मरीजों के उपचार और संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए बहराइच मेडिकल कॉलेज में विशेष व्यवस्था की गई है। शासन के निर्देश पर मेडिकल कॉलेज में 12 बेड का विशेष वार्ड बनाया गया है। इसके साथ ही कक्ष संख्या 18 में विशेष ओपीडी शुरू की गई है। यहां संदिग्ध और प्रभावित मरीजों की जांच, चिकित्सकीय परामर्श और जरूरत के अनुसार उपचार किया जाएगा।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार एच1एन1 के उपचार के लिए आवश्यक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। जरूरी चिकित्सकीय उपकरण भी तैयार रखे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों के अनुसार संभावित मरीजों की निगरानी के साथ संक्रमण से बचाव के उपाय किए जा रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय खत्री ने लोगों से स्वाइन फ्लू के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। समय पर जांच और उपचार से संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण
1. अचानक तेज बुखार आना और शरीर का तापमान बढ़ना।
2. लगातार खांसी के साथ गले में दर्द या खराश होना।
3. नाक बहना, बंद होना या जुकाम जैसे लक्षण दिखाई देना।
4. सिर में दर्द के साथ कमजोरी और असामान्य रूप से अधिक थकान महसूस होना।
5. मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द के साथ कुछ लोगों में उल्टी या दस्त की शिकायत।
संक्रमण से बचाव के पांच उपाय
1. खांसने या छींकने के दौरान रुमाल या टिश्यू का इस्तेमाल करें।
2. नियमित रूप से साबुन-पानी से हाथ धोएं और बिना हाथ साफ किए आंख, नाक या मुंह को छूने से बचें।
3. बुखार, खांसी या अन्य लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
4. घर में किसी व्यक्ति को फ्लू जैसे लक्षण हों तो उसके संपर्क में रहते समय संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाएं।
5. तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी या लगातार बिगड़ती तबीयत को नजरअंदाज न करें और तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लें।