जरवल (बहराइच)। जरवल विकास खंड का निवासी एक युवक दिल्ली में रहकर नौकरी करता है। दो दिन पूर्व वह दिल्ली से आया है। युवक खांसी, जुकाम व बुखार की चपेट में है। कोरोना का संदिग्ध मरीज मिलने की सूचना ग्राम प्रधान ने सीएचसी मुस्तफाबाद के चिकित्सकों को दी। चिकित्सक ने गांव पहुंचकर मरीज की जांच कर उसे सर्दी, बुखार की दवा दी। वहीं, कैसरगंज के चिकित्सक ने मरीज से दूरी बना ली, लेकिन मरीज का ब्लड जांच के लिए नहीं भेजा गया है। ग्रामीणों ने परिवार से पूरी तरह से दूरी बनाई हुई है। गांव का कोई भी व्यक्ति उनके घर की ओर आने-जाने में भी बच रहा है। उधर, स्वास्थ्य अधिकारियों के समझाने के बाद परिवारीजनों ने युवक को मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया है।
जरवल विकास खंड के एक गांव का रहने वाला युवक दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता है। उसके पिता ने बताया कि पुत्र की हालत दिल्ली में खराब थी। वहां पर इलाज चला, लेकिन फायदा नहीं हुआ। इस पर पुत्र गुरुवार को सुबह घर आ गया। युवक को खांसी, जुकाम व बुखार की शिकायत है। इस पर उसे कैसरगंज में स्थित प्राइवेट चिकित्सक को दिखाया गया। डॉक्टर ने इलाज शुरू किया, लेकिन जांच नहीं कराई।
इसके बाद ग्राम प्रधान ने इसकी सूचना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुस्तफाबाद में दी। सीएचसी के चिकित्सक डॉ. निखिल सिंह टीम के साथ शुक्रवार की रात 11 बजे गांव पहुंचे और मरीज की जांच की। डॉ. निखिल ने मरीज को सर्दी व जुकाम होने की बात कहते हुए एंटी एलर्जिक, पैरासीटामाल व एंटी बायोटिक दवा दी है। लेकिन गांव के लोगों ने युवक के परिवार से दूरी बना ली है। गांव का कोई भी सदस्य युवक के घर की ओर से नहीं जा रहा है।
ग्रामीणों में कोरोना वायरस को लेकर दहशत है। उधर, युवक की जांच के लिए डॉ. निखिल ने ब्लड का सैंपल लेकर जिला मुख्यालय भेजने की बात कही है। उधर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने युवक के परिवार से देर शाम संपर्क साधा। अधिकारियों के समझाने पर युवक को मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया गया है।
और कैसरगंज सीएचसी के चिकित्सक ने बनाई दूरी
जरवल विकास खंड के एक गांव निवासी युवक को देखने के लिए कैसरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. एनके सिंह शुक्रवार को गांव पहुंचे। पिता के मुताबिक डॉक्टर ने गांव पहुंचकर मरीज को देखने के बजाए दूर से ही वीडियो बनाया और बताया कि हालत ठीक है। इसके बाद एनके सिंह वापस चले आए। युवक के पिता का कहना है कि डॉ. एनके सिंह दूर से देखकर गए और दवा लिखकर चले गए। बोले कि कोई समस्या नहीं है।
कोरोना वायरस की नहीं हुई जांच
दिल्ली से आए युवक को जरवल के चिकित्सक ने एलर्जी व बुखार होने की बात कहकर इलाज शुरू किया। लेकिन जरवल व कैसरगंज के चिकित्सकों ने बिना जांच कराए ही उसे कोरोना से पीड़ित नहीं बताया। ऐसे में बिना जांच के ही चिकित्सकों ने क्लीन चिट दे दी, जबकि ग्रामीणों में दहशत है।
जुकाम व बुखार की है शिकायत, मिली है रिपोर्ट
जरवल ब्लॉक क्षेत्र के निवासी युवक के बीमार होने की सूचना मिली। इस पर चिकित्सकों की टीम रात में ही भेजी गई थी। युवक सर्दी, जुकाम व बुखार से पीड़ित हैै और कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि रक्त जांच के लिए लखनऊ भेजा जाएगा। कैसरगंज सीएचसी के चिकित्सक के मरीज से दूर भागने की जानकारी नहीं है।
- डॉ. सुरेश सिंह, सीएमओ