रुपईडीहा (बहराइच)। भारत-नेपाल सीमा से किसी भी विदेशी नागरिक को देश में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। इसका पत्र एसएसबी व इमीग्रेशन विभाग को भारत सरकार के साथ विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने भेज दिया है। सरकार के पत्र पर अधिकारियों ने अमल शुरू कर दिया है। नेपाल सीमा से सिर्फ नेपाली नागरिकों को ही जांच के बाद भारत में प्रवेश दिया जाएगा। इसको लेकर अधिकारियों ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।
चीन की यात्रा कर बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक नेपाल होते हुए सीमा के बहराइच जिले में प्रवेश करते थे। यह नागरिक बहराइच होते हुए लखनऊ की यात्रा कर देश के लिए रवाना होते थे। लेकिन चीन में फैले कोरोना वायरस को लेकर केंद्र सरकार ने एडवायजरी जारी कर दी है। केंद्र सरकार के साथ गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और अप्रवासन विभाग ने रुपईडीहा में स्थित एसएसबी कार्यालय को पत्र जारी किया गया है। एसएसबी व इमीग्रेशन को जारी किए गए पत्र में अधिकारियों का कहना है कि चीन से पूरे विश्व में फैले कोरोना वायरस को लेकर अधिकारी सतर्कता बरतें। किसी भी विदेशी नागरिक को रुपईडीहा से जिले में प्रवेश न करने दें, जिससे कि किसी भी विदेशी में फैले कोरोना का संक्रमण देश में न पनपने पाए।
एसएसबी के कार्यवाहक कमांडेंट शैलेष कुमार ने बताया कि भारत सरकार का पत्र 13 मार्च को मिला है। उस पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। किसी भी विदेशी यात्री को देश में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। सरकार के दिशा निर्देश का एसएसबी के साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी पालन कर रहे हैं। कार्यवाहक कमांडेंट ने बताया कि आदेश पत्र के हिसाब से सीमा पर काम किया जा रहा है।
नेपाली नागरिकों पर नहीं है रोक
भारत-नेपाल सीमा पर स्वास्थ्य टीम की निगरानी कर रहे डॉ. अर्चित श्रीवास्तव ने बताया कि केंद्र सरकार का पत्र एसएसबी के माध्यम से मिला है। ऐसे में किसी भी विदेशी को देश में जांच के बाद भी प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। सभी को नेपाल वापस भेज दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह नियम नेपाली यात्रियों पर लागू नहीं है। नेपाली यात्रियों की जांच कर उन्हें जरूरत के सामान खरीदने के लिए जिले में प्रवेश दिया जा रहा है।
यूपी में सिर्फ सोनौली से प्रवेश कर सकेंगे विदेशी
एसएसबी के कार्यवाहक कमांडेंट शैलेष कुमार ने बताया कि गृह मंत्रालय व केंद्र सरकार के पत्र के अनुसार उत्तर प्रदेश में सिर्फ गोरखपुर जिले के सोनौली सीमा से ही विदेशी यात्रियों को प्रदेश में प्रवेश की अनुमति है। वीजा पूरी तरह से वैध होने पर ही प्रवेश दिया जाएगा। जबकि अन्य सीमावर्ती जिलों में प्रवेश पर पूरी तरह से रोक है।