बहराइच मेडिकल कॉलेज परिसर में सोमवार को धूप में बैठे लोग। -संवाद
बहराइच। दूसरे दिन भी सोमवार को धूप खिली, तो जिंदगी पटरी पर लौट आई। किसानों ने जहां खेतों की ओर रुख किया, तो वहीं शहरों में बच्चे स्कूलों की ओर जाते दिखाई दिए। सड़कों और बाजारों में भी खासी चहल-पहल रही।
तराई क्षेत्र में पिछले सप्ताह भीषण सर्दी रही। पूरे दिन कोहरा और बर्फीली हवा के कारण जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। लोग घरों में दुबके रहे। सड़कों और खेतों में सन्नाटा पसरा रहा। रविवार को सुबह 10 बजे के बाद धूप निकली तो लोगों को कुछ राहत मिली थी।
सोमवार को भी सुबह काफी सर्दी रही। कोहरा और बर्फीली हवा के कारण लोग कंपकंपी महसूस कर रहे थे। 10 बजे के बाद कोहरे को चीरती हुई धूप निकली, तो लोगों ने राहत महसूस की। महिलाओं ने छतों पर बिस्तर और कपड़े सुखाए। बच्चे स्कूल की ओर से जाते दिखाई दिए।
फसलों को मिली संजीवनी
धूप निकलने से कुंभलाई फसलों में भी रौनक दिखाई दी। बसनेरा गांव के किसान ऋषभ त्रिपाठी ने बताया कि लगातार पड़ रही सर्दी से फसलों पर पाला का संकट था। अब धूप निकलने से पौधों को मानो संजीवनी मिल गई है। परेवपुर के किसान यूपी सिंह बताते हैं कि उनकी केला और तिलहन व दलहन की फसल भी धूप निकलने से सुधर रही है। वनस्पति विज्ञान के विशेषज्ञ डॉ. राहुल सिंह बताते हैं कि अब धूप निकलने से प्रकाश संश्लेषण की क्रिया तेजी से होगी, जिससे पौधे विकसित होंगे।
छोटे दुकानदारों को भी मिली राहत
मौसम में सुधार होने से पटरी दुकानदारों तथा ठेले खोमचे वालों का भी कारोबार बढ़ता दिखाई दिया है। मटर विक्रेता सरयू प्रसाद ने बताया कि सर्दी के कारण सब्जी तोड़ने वाले मजदूर नहीं मिलते थे। ऐसे में मंडी में भी सन्नाटा रहता था, अब धूप निकलने से मटर, टमाटर तथा अन्य सब्जियां भी मंडी में आने लगी हैं।