जिले में भले ही लोग बरसात के लिए तरस रहे हैं, लेकिन नेपाल के पहाड़ों पर हुई बरसात के बाद बुधवार देर शाम राप्ती नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। जिससे जमुनहा क्षेत्र में राप्ती नदी से बालू खनन पूरी तरह रुक गया है। वहीं गुरुवार को घटते जल स्तर के साथ ही राप्ती की लहरों ने अपने किनारों पर तेजी से कटान शुरू कर दिया है।
नेपाल के पहाड़ों पर हुई बरसात के कारण बुधवार शाम से ही राप्ती नदी का जलस्तर जमुनहा क्षेत्र में तेजी से बढ़ने लगा है। बुधवार शाम पांच बजे राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर 126.90 मीटर नापा गया।
यह जल स्तर गुरुवार सुबह आठ बजे बढ़कर 127.40 मीटर पहुंच गया। इससे जमुनहा क्षेत्र में खपरिया व कथरामाफी में हो रहा बालू खनन का कार्य पूरी तरह से थम गया। बुधवार शाम बालू भरने आए सैकड़ों ट्रैक्टर ट्राली देर शाम बैरंग लौट गई।
गुरुवार सुबह दस बजे से राप्ती नदी का जल स्तर अचानक घटने लगा। बैराज पर सुबह दस बजे नदी का जलस्तर 127.35 मीटर मापा गया। जो दोपहर बारह बजे घटकर 127.30 मीटर पहुंच गया। तेजी से घटते जलस्तर के कारण राप्ती नदी की लहरों ने अपने किनारों पर कटान शुरू कर दिया है। जमुनहा के घुमना व भागड़ में नदी की लहरें करीब एक से डेढ़ मीटर तक अपने किनारों को काट चुकी हैं। जिससे 26 किसान प्रभावित हुए हैं।