बहराइच। प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक अपनी लंबित समस्याओं को लेकर बुधवार को सामूहिक अवकाश पर रहे। इसका बुधवार को जिले में मिलाजुला असर दिखा। अधिकांश शिक्षक धरना-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लखनऊ गए।
इसके चलते कहीं, शिक्षामित्र तो कहीं समायोजित शिक्षकों ने स्कूल खोला। काफी कम स्कूलों में ताला लटकता दिखा। हालांकि, शिक्षकों के सामूहिक अवकाश पर होने के चलते परिषदीय परीक्षाएं जरूर प्रभावित हुईं।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले जिले के प्राथमिक विद्यालयों के अधिकांश शिक्षक बुधवार को सामूहिक अवकाश पर रहे। यह शिक्षक प्रांतीय नेतृत्व द्वारा आयोजित धरना-प्रदर्शन में शामिल होने लखनऊ गए थे।
शिक्षक संघ ने लंबित समस्याओं के निस्तारण के लिए पूर्ण हड़ताल की घोषणा की थी लेकिन शिक्षामित्र और समायोजित शिक्षकों ने प्राथमिक शिक्षक संघ के आंदोलन को समर्थन नहीं दिया। इसके चलते जिले के 2470 प्राथमिक विद्यालयों में से लगभग 2200 विद्यालय खुले रहे।
कहीं शिक्षामित्र तो कहीं समायोजित शिक्षकों ने स्कूल में परिषदीय परीक्षाएं आयोजित कराईं। जो विद्यालय नहीं खुले, वहां पर परिषदीय बोर्ड परीक्षाएं प्रभावित रहीं। छात्र स्कूल आए, लेकिन बैरंग लौट गए।
यहां होता मिला इम्तिहान
फखरपुर विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय अटोडर में शिक्षामित्र अर्चना स्कूल में मौजूद मिलीं। इम्तिहान होता मिला। अर्चना ने बताया कि हेड मास्टर अवकाश पर हैं। धरना-प्रदर्शन में शामिल होने लखनऊ गए हैं। वहीं बलहा व पयागपुर विकास खंड में भी अधिकांश स्कूल खुले रहे।
यहां बंद मिले प्राथमिक विद्यालय
फखरपुर के माधवपुर ग्राम पंचायत के मजरा मालिनपुरवा व प्राथमिक विद्यालय फखरपुर प्रथम स्कूल में सुबह ताला लटकता मिला। छात्र नदारद थे। आसपास के लोगों ने बताया कि सुबह नौ बजे छात्र आए तो जरूर लेकिन आधा घंटा इंतजार करने के बाद वापस लौट गए।
नहीं बाधित हुई परीक्षा
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अमरकांत सिंह ने बताया कि कुछ शिक्षक पर अवकाश पर जरूर रहे लेकिन परीक्षा बहिष्कार का असर नहीं दिखा। स्कूल प्रतिदिन की तरह खुले। परीक्षाएं भी हुईं।