कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में शनिवार को प्री खरीफ किसान सम्मेलन व प्रदर्शनी हुई। मुख्य अतिथि कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह व बहराइच सांसद साध्वी सावित्री बाई फुले रहीं। किसानों को कृषि की नवीन तकनीक व पद्घतियों की जानकारी दी गई।
वहीं किसानों की आर्थिक दशा सुधारने के लिए कृषि मंत्रालय एक प्रस्ताव भेजे जाने का भरोसा दिलाया गया। प्रदर्शनी में किसानों ने रेशम, पशुपालन, डेयरी उद्योग की जानकारी हासिल की है।
कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद बृजभूषण शरण सिंह व साध्वी सावित्री बाई फुले ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सांसद बृजभूषण सिंह ने खेतों में फसलों के अवशेष जलाने पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि इससे मृदा की उर्वरता का क्षरण होता है। किसान ऐसा न करें।
मिट्टी की उर्वरक क्षमता बढ़ाने के लिए ऐसी पद्घति का इस्तेमाल करें जिससे उनके खेतों में केचुओं की संख्या बढ़े। साध्वी फुले ने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए केंद्र सरकार से मदद मांगी जाएगी। जल्द ही इस बाबत कृषि मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
गन्ना बकाया मूल्य पर कहा कि केंद्र ने छह हजार करोड़ रुपये ब्याजमुक्त ऋण के रूप में चीनी मिलों को दिया है। यह भी सुनिश्चित कराया गया है कि इस धन का उपयोग गन्ना बकाया भुगतान में मिलें करेंगी।
उप निदेशक कृषि एके सागर, जिला कृषि अधिकारी डॉ. अश्विनी कुमार, फसल अनुसंधान केंद्र प्रभारी डॉ. एमवी सिंह, जिला उद्यान अधिकारी महेश कुमार श्रीवास्तव आदि ने भी कई जानकारी दी। मौके पर अनिरुद्घ पांडेय, ओंकारनाथ पांडेय, बब्बन सिंह, राम केवल गुप्ता, राम फेरन पांडेय, कौशल कुमार गुप्ता, जयंकर सिंह आदि मौजूद रहे।