रुपईडीहा। भारत-नेपाल सीमा की एसएसबी चेकपोस्ट पर मंगलवार को मानव तस्करी की कोशिश नाकाम कर दी गई। जांच के दौरान बहला-फुसलाकर नेपाल से गुजरात ले जाई जा रही है एक किशोरी को दो संदिग्धों के साथ पकड़ा गया। किशोरी को शांतिपूर्ण स्थापना गृह भेज कर संदिग्धों को नेपाल पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।
एसएसबी 42वीं वाहिनी के कमांडेंट गंगा सिंह उदावत ने बताया कि मानव तस्करी निरोधक इकाई एवं देहात संस्था की प्रतिनिधि निर्मला शाह की संयुक्त टीम ने नेपाल की ओर से आ रहे एक युवक को एक किशोरी के साथ संदिग्ध हालात में रोका।
पकड़े गए जीवन क्षेत्री ने बताया कि वह नेपाल के अछाम का निवासी है। पूछताछ के दौरान युवक और किशोरी के बयानों में विरोधाभास मिला। किशोरी द्वारा प्रस्तुत जन्म प्रमाण पत्र की जांच में दस्तावेज फर्जी पाए जाने से मानव तस्करी की आशंका बढ़ गई।
पूछताछ में यह भी पता चला कि युवक और किशोरी की पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी और युवक किशोरी को सीमा पार करवाने के बाद गुजरात जाने की फिराक में था। काउंसलिंग के बाद किशोरी को मानव सेवा संस्थान की उपस्थिति में शांतिपूर्ण स्थापना गृह के सुपुर्द किया गया। वहीं आरोपी युवक तथा एक अन्य संदिग्ध महिला रेशमा को अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया है।