बहराइच के दरगाह में बसंत मेले के लिए नाल दरवाजे के सामने उमड़ी जायरीनों की भीड़।
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बहराइच। शहर में स्थित सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर मंगलवार से वसंत मेला परंपरागत तरीके से शुरू हो गया। तीन दिवसीय मेले में पहुंचे जायरीन गाजी बाबा का जयकारा लगाते हुए मजार शरीफ पर हाजिरी लगा रहे हैं। दरगाह पहुंचने से पूर्व मेले में आने वाले जायरीन चित्तौरा झील के तट पर भी परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं। यहां झील में स्नान करने के बाद जायरीन पैदल ही गाजी की दरगाह को रवाना हो रहे हैं। जायरीन गाजी की दरगाह पर निशान भी पेश कर रहे हैं। मुख्य मेला बुधवार को है। इसके लिए तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं।
सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर तीन दिवसीय वसंत मेले की शुरुआत मंगलवार को औपचारिकताओं के बीच हो गई। इस दौरान जुटे सैकड़ों जायरीन ने नाल दरवाजे से होकर गाजी की मजार पर पहुंचकर हाजिरी लगाई। उन्होंने मजार पर माथा टेक कर अमन-चैन और खुशहाली की दुआएं मांगी। मुख्य मेला बुधवार को है। इसके लिए तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं।
मुख्य मेले में शामिल होने के लिए चित्तौरा झील के तट पर जायरीन की भीड़ जुट रही है। वहीं, चित्तौरा झील में स्नान करने के बाद जायरीन निशान लेकर दरगाह पर पहुंच रहे हैं। दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि मुख्य मेले के लिए सभी इंतजाम कर लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार को सुबह प्रबंध समिति के पदाधिकारी दरगाह के खादिमों के साथ फल-फूल व सब्जियों की डाली परंपरा के मुताबिक गाजी सरकार की मजार पर खिदमत में पेश करेंगे। इसके बाद दरगाह मेला परिसर में मौजूद सभी गरीब व निराश्रितों को खिचड़ी का वितरण किया जाएगा।
अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर अब तक लगभग 50 हजार जायरीन आ चुके हैं। बुधवार को दोपहर बाद जायरीन की यह संख्या तीन गुना से अधिक होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि जायरीन के ठहरने के लिए माकूल इंतजाम किए गए हैं। बिजली और पानी की भी समुचित व्यवस्था कर ली गई है।
जेठ मेले की होगी घोषणा
दरगाह प्रबंध समिति के सदस्य बच्चे भारती ने बताया कि वसंत पंचमी मेले का उद्देश्य समाज में खुशहाली होता है। इसी दिन प्रबंध समिति की ओर से एक माह तक चलने वाले जेठ मेले की तिथि की भी घोषणा की जाती है।
लक्कड़ शाह की मजार पर आज से जुटेंगे जायरीन
मिहींपुरवा (बहराइच)। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के मुर्तिहा रेंज में स्थित हजरत हाजी मोहम्मद हाशिम शाह उर्फ लक्कड़ शाह बाबा की मजार पर 30 व 31 जनवरी को दरगाह पर वसंत मेले का आयोजन किया जा रहा है। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। लक्कड़ शाह बाबा की मजार हिंदू-मुस्लिम एकता की प्रतीक है। इस मजार पर नेपाल के जायरीन भी जियारत करने आते हैं। मुर्तिहा रेंज के जंगल में स्थित लक्कड़ शाह बाबा की मजार पर वसंत पंचमी के अवसर पर 30 व 31 जनवरी को मेले का आयोजन होगा। मेले में पहले दिन जायरीन मजार शरीफ पर गागर चादर पेशकर अमन-चैन और सुख समृद्धि की दुआ मांगेंगे। दरगाह के मुतवल्ली रईस अहमद तथा सेक्रेटरी इसरार अहमद ने बताया कि वसंत मेले के दिन गागर एवं चादर मिहींपुरवा से लाकर मजार शरीफ पर परंपरागत तरीके से पेश की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रति वर्ष की तरह वर्ष भी मजार शरीफ पर कव्वाली, कुरानख्वानी और भंडारे का आयोजन होगा। इसकी तैयारी कर ली गई है। वसंत के दिन गुरुवार को पूरे मजार शरीफ पर जियारत का सिलसिला चलेगा। शाम के समय बाबा की मजार पर चिराग रोशन किया जाएगा।