घर बंटवारे के विवाद में गुरुवार सुबह एक ग्रामीण ने भाई की पत्नी पर कुदाल से हमलाकर उसे मरणासन्न कर दिया। परिवारीजनों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया जहां से डॉक्टरों ने उसे ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। सूचना पाकर पुलिस अस्पताल पहुंची लेकिन थानाध्यक्ष ने तहरीर मिलने से इंकार किया है।
रानीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत अचौलिया गांव निवासी आशा सिंह (32) का पति शत्रोहन सिंह लखनऊ में प्राइवेट नौकरी करता है। बुधवार रात जेठ कृष्णदेव सिंह उर्फ भग्गू से विवाद हो गया। उस दौरान सास सुंदरकुंवर ने बीच बचाव कराकर मामला शांत करा दिया। गुरुवार सुबह कृष्णदेव घर बंटवारे को लेकर मां से उलझ गया। इस पर सुंदरकुंवर ने उसे घर में अपने लिए अलग दरवाजा बना लेने की नसीहत दे दी। इस पर आग बबूला हुआ कृष्णदेव कुदाल से दरवाजा तोड़ने लगा। इसी दौरान आशा उसके बगल से निकली तो कृष्णदेव ने कुदाल से आशा के सिर पर वार कर दिया। वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ी। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद सास सुंदरकुंवर ने ग्रामीणों की मदद से आशा को जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां इमरजेंसी ओपीडी इंचार्ज डॉ एपी मिश्र ने आशा की हालत गंभीर देख प्राथमिक उपचार के बाद उसे ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। उन्होंने बताया कि सिर पर धारदार हथियार से हमला होने से आशा का भेजा (ब्रेन मैटर) बाहर आ गया है। उसकी हालत बेहद नाजुक है। थानाध्यक्ष केके यादव का कहना है कि अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर केस दर्ज किया जाएगा।