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वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी से भड़के सपा कार्यकर्ता

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बहराइच में रविवार को कलेक्ट्रेट के पास सीएम का पुतला फूंकते सपा कार्यकर्ता। - फोटो : BAHRAICH
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बहराइच। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर रविवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की अगुवाई में प्रदेश के वरिष्ठ सपा नेता हाथरस जा रहे थे। रास्ते में पुलिस प्रशासन ने सपाइयों पर लाठीचार्ज कर उनको गिरफ्तार कर लिया। रविवार को इससे गुस्साए कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट गेट पर प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाथरस में पीड़ित बिटिया के परिवारीजनों का हालचाल लेने के लिए प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल की अगुवाई में प्रदेश के वरिष्ठ सपा नेता रामजी लाल सुमन, धर्मेंद्र यादव, अक्षय यादव, पूर्व सांसद जुगुल किशोर बाल्मीकि, उदयवीर सिंह, जसवंत सिंह, संजय लाठर, छात्रसभा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अतुल प्रधान, लोहिया वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष रामकरन निर्मल व रामगोपाल बघेल की टीम को हाथरस भेजा था। लेकिन हाथरस जिले की सीमा पर ही स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से टीम को रोक दिया गया। इस पर पुलिस व सपा नेताओं में तीखी हुई। पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर जिला मुख्यालय पर बंद कर दिया था। इसकी सूचना मिलने के बाद जिले के सपाई बिफर उठे।
छात्रसभा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष नंदेश्वरनंद यादव की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट के गेट पर पहुंचकर नारेबाजी कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस मौके पर नंदेश्वरनंद यादव ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री पूरी तरह तानाशाही पर उतर चुके हैं। वह तानाशाह तरीके से ब्यूरोक्रेट को बचाने के लिए सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले विपक्ष के नेताओं की आवाज को दबाना चाहते हैं।
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पूर्व प्रबुद्ध सभा के जिलाध्यक्ष हर्षित त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश की निरंकुश हो चली योगी सरकार के रहते दोषियों को सजा नहीं मिल पायेगी। इसलिए राज्यपाल को प्रदेश हित में सरकार को भंग कर राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए। प्रबुद्ध सभा के जिलाध्यक्ष जितेंद्र दीक्षित ने कहा कि यह साफ हो चुका है कि अब प्रदेश में योगी की सरकार में बहन बेटी सुरक्षित नहीं है। प्रदर्शन के बाद गुस्साए सपाइयों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री का पुतला जलाकर उनसे इस्तीफे की मांग की।
उधर, महसी विधानसभा के पूर्व विधायक केके ओझा ने हाथरस सीमा पर प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल समेत पार्टी वरिष्ठ नेताओं के साथ पुलिस द्वारा की गई अभद्रता व गिरफ्तारी पर नाराजगी जताई। पूर्व विधायक ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री में जरा सी भी नैतिकता बची है। उन्हें स्वयं इस्तीफा देकर राष्ट्रपति शासन की अनुशंसा कर प्रदेश में उदाहरण पेश करना चाहिए।
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