बहराइच। सीजेएम कोर्ट ने अवैध रूप से देश में दाखिल होने वाली दक्षिण कोरिया निवासी पार्क सेरीमन उर्फ मंगसुक पार्क को दोषी मानते हुए बुधवार को दो माह 25 दिन के कारावास की सजा सुनाई। 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि जुर्माना अदा नहीं किया गया तो 15 दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
सीजेएम कोर्ट के अभियोजन अधिकारी निर्मल कुमार यादव ने बताया कि सुनवाई के दौरान महिला मंगसुक पार्क ने कोर्ट में जुर्म स्वीकारोक्ति का प्रार्थनापत्र दिया। बचाव पक्ष के वकील ने कोर्ट को बताया कि महिला के पास वैध वीजा और पासपोर्ट है।
उसने गलती से 22 मार्च 2025 को भारत-नेपाल सीमा रुपईडीहा से भारत में प्रवेश कर लिया। नियम के अनुसार उसे वायुमार्ग से भारत में प्रवेश करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यह अनजाने में हुआ उल्लंघन है और महिला को न्यूनतम दंड दिया जाना चाहिए।
अभियोजन पक्ष ने इसे विदेशी अधिनियम का उल्लंघन मानते हुए अधिकतम सजा देने की दलील दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद मंगसुक पार्क को दोषी मानकर सजा सुनाई। अभियोजन अधिकारी के अनुसार मंगसुक पार्क पहले से ही दो माह, 13 दिन जिला कारागार में निरुद्ध रही है, जिसे सजा में शामिल किया गया है। (संवाद)