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एसओ व सीओ कोर्ट में तलब

Thu, 02 Mar 2017 10:57 PM IST
अमर उजाला/श्रावस्ती
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
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हत्या के मामले में निर्दोष को जेल भेजने वाले जांच अधिकारी व सीओ को सत्र न्यायालय ने गुरुवार को तलब किया। वहीं, राज्य सरकार को भी गलत तथ्य प्रस्तुत करने का दोषी मानते हुए नोटिस जारी किया है। राज्य सरकार व दोनों अधिकारियों को अपना पक्ष रखने के लिए 21 मार्च का समय दिया गया है। 
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वर्ष 2010 में सिरसिया थाना क्षेत्र में एक अज्ञात शव पुलिस ने बरामद किया था। जिसकी जांच तत्कालीन थानाध्यक्ष रामसुमेर त्रिपाठी द्वारा की गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने मृतक की पहचान गौतम सिंह पुत्र राजेंद्र निवासी गोठवा बहोल खंड थाना जरवा बलरामपुर के रूप में की थी। इस दौरान यह भी खुलासा किया कि उसकी हत्या उसी के पट्टीदारी के चाचा दलपत सिंह ने की है।

इस मामले में पुलिस ने चार्ज शीट लगाते हुए सीओ कार्यालय में भेजा था। चार्जशीट के दौरान इस बात का उल्लेख किया था कि आरोपी दलपत सिंह द्वारा अपने भतीजे की हत्या करने का जुर्म स्वीकार किया गया है। इसी के बाद आरोपी को काफी दिनों तक जेल में रहना पड़ा।
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वहीं, एक अक्टूबर 2010 को पुलिस ने जिसको मृत दिखाया था। उस व्यक्ति ने न्यायालय में उपस्थित होकर स्वयं को जिंदा बताया। साथ ही कारोबार के सिलसिले में बाहर जाने की बात कहते हुए स्वयं की हत्या का मामला झूठा बताया। इस पर न्यायालय ने दलपत सिंह को आरोप मुक्त कर दिया। इसके बाद दलपत सिंह ने मामले में फर्जी गवाही देने वाले तथाकथित मृतक के परिवारीजनों सहित जांच अधिकारी थानाध्यक्ष रामसुमेर त्रिपाठी के विरुद्ध न्यायालय में परिवाद दाखिल किया था। इसमें मजिस्ट्रेट की ओर से थानाध्यक्ष को बरी कर दिया गया था।

इसी मामले में अपील की सुनवाई करते हुए गुरुवार को जिला न्यायाधीश सैय्यद मोहम्मद हसीब ने जांच अधिकारी रामसुमेर त्रिपाठी को न्यायालय में गलत चार्जशीट पेश करने व फर्जी चार्जशीट को बिना पुष्टि किए अग्रसारित करने वाले तत्कालीन सीओ विवेक त्रिपाठी को दोषी मानते हुए 21 मार्च को कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। वहीं राज्य सरकार को भी इसका दोषी मानते हुए पक्ष रखने का नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही आदेश की कॉपी प्रमुख सचिव गृह व जिला मजिस्ट्रेट को भी कार्रवाई के लिए भेजी है।
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