बहराइच। दो नेपाली महिलाओं को शनिवार को विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट ने दस-दस वर्ष की सजा सुनाई है। दोनों महिलाओं को रूपईडीहा थाने की पुलिस ने चरस के साथ रूपईडीहा रोडवेज बस अड्डे से गिरफ्तार किया था।
एडीजीसी क्रिमिनल फिरोज अहमद खां ने बताया कि रूपईडीहा थाने की पुलिस टीम को 17 फरवरी 2019 को सूचना प्राप्त हुई थी कि दो नेपाली महिलाएं चरस के खेप के साथ रूपईडीहा स्थित रोडवेज बस अड्डे पर बस के इंतजार मेें बैठी है। मुखबिर की सूवना पर पुलिस टीम महिला आरक्षियों के साथ मौके पर पंहुचकर दोनों महिलाओं को धर दबोचा। जांच के दौरान दोनों महिलाओं के पास प्रतिबंधित नशीला पदार्थ चरस बरामद हुआ। पुलिस की पूंछ तांछ के दौरान महिलओं ने अपना नाम नाम सिरकुमारी कामी निवासी कनकरी वार्ड नंबर 6 जिला रूकुम राष्ट्र नेपाल व माया देवी निवासी ग्राम धाबांग वार्ड नंबर एक जिला रोलपा राष्ट्र नेपाल बताया।
एडीजीसी क्रिमिनल ने बताया कि पुलिस ने बरामद चरस को सीज कर दोनों महिलाओं के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए जेल भेज दिया था। शनिवार को विशेष न्यायाधीश नितिन पांडेय के न्यायालय पर दोनों महिलाओं की मुकदमें मेें सुनवाई के दौरान न्यायाधीश पांडेय ने महिलाओं को दोषसिद्ध करते हुए दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। एडीजीसी क्रिमिनल ने बताया कि न्यायाधीश ने दोनों महिलाओं पर एक-एक लाख रूपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड अदा करने पर दोनों महिलाओं को दो-दो वर्ष का अतिरिक्त साधारण करावास भुगतना होगा।