बहराइच। शनिवार को जिले के शराब व्यवसायियों ने दुकान बंदकर कलेक्ट्रेट में पहुंच प्रदर्शन किया। इस दौरान व्यवसायियों ने पुलिसिया उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए निजात पाने के लिए डीएम को ज्ञापन सौंपा। व्यवसायियों ने एसपी कार्यालय पर पहुंचकर भी ज्ञापन सौंपा। एसपी ने शराब व्यवसायियों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। शराब की दुकानें बंद होने से करीब 50 लाख से अधिक के राजस्व के नुकसान का अनुमान है।
पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ शनिवार को जिले के शराब व्यवसायियों ने लामबंद होकर कलेक्ट्रेट परिसर मेें प्रदर्शन शुरू कर दिया। शराब व्यवसायियों ने पुलिस कर्मियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिले के देशी शराब, बीयर व अंग्रेजी की फुटकर दुकानों पर स्थानीय पुलिस द्वारा ब्रिकी के समय पहुंचकर मुनीम व ग्राहकों के साथ अभद्रता की जाती है, जिससे ब्रिकी प्रभावित हो रही है और राजस्व का नुकसान भी हो रहा है। शराब व्यवसायियों का कहना है कि अभी कोरोना महामारी की मार से निपट नहीं पाए हैं और पुलिसिया उत्पीड़न शुरू हो गया है। शराब व्यवसायियों ने एसपी से बताया कि रिसिया नंबर एक व दो में देशी शराब की दुकान को जबरदस्ती बंद कराया गया, जिससे व्यवसायी आहत हैं।
एसपी विपिन मिश्रा ने प्रकरण की जांच कराने के बाद न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। इस मौके पर पंकज सिंह, पूनम यादव, मुकेश पांडेय, गुड़िया पांडेय, दुर्गेश सोनी, मंशाराम, रामसमुझ, राजितराम यादव, सरोज सिंह, अवधेश सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे। वहीं, जिला आबकारी अधिकरी प्रगल्भ लवानिया ने बताया कि शराब व्यवसायियों व पुलिसकर्मियों के बीच कोई विवाद नहीं है। जो समस्या है उसका डीएम व एसपी ने तत्काल समाधान करा दिया है।