बहराइच। चर्चित वेद प्रकाश अपहरण और हत्या मामले में छह साल बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) पवन कुमार शर्मा द्वितीय की अदालत ने अभियुक्त कलीम समेत छह आरोपियों को हत्या, अपहरण, साक्ष्य मिटाने और एससी-एसटी एक्ट के आरोपों से बरी कर दिया। हालांकि, कलीम को पुलिस पर फायरिंग में सात साल और तमंचा रखने में चार साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
अदालत ने कहा कि पुलिस और अभियोजन पक्ष हत्या व अपहरण के आरोपों को साबित नहीं कर सके। गवाहों के बयानों में कई विरोधाभास मिले और कई जरूरी गवाहों को अदालत में पेश भी नहीं किया गया। इसके अलावा घटनास्थल, बरामद साइकिल और फिरौती के लिए आए मोबाइल कॉल की जांच भी संतोषजनक नहीं पाई गई। इसका लाभ अभियुक्तों को मिला। उधर, फायरिंग व तमंचा रखने में कलीम को सजा सुनाते हुए न्यायाधीश से स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
ये था मामला
मटेरा थाना क्षेत्र के मझौली गांव निवासी ओंकारनाथ ने 29 अक्तूबर 2020 को अपने नाबालिग बेटे वेद प्रकाश के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दो दिन बाद 31 अक्तूबर को श्रावस्ती जिले के मल्हीपुर थाना क्षेत्र में उसका शव मिला था। इसके बाद पुलिस ने हत्या, अपहरण, साक्ष्य मिटाने और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में कलीम समेत छह लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।