भारत-नेपाल सीमा पर रुपईडीहा में जनता कर्फ्यू के दौरान नेपाल के अधिकारियों के साथ बैठक करते डीएम व
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रुपईडीहा (बहराइच)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए रविवार को जनता कर्फ्यू की घोषणा की थी। इसका असर देश के साथ ही नेपाल की बाजारों में भी दिखा। पूरे दिन नेपाल की सड़कों पर भी सन्नाटा पसरा रहा। भारत-नेपाल के अधिकारियों ने रुपईडीहा थाना परिसर में बैठक कर कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने की रणनीति तैयार की। लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई।
रुपईडीहा थाना परिसर में आयोजित बैठक में डीएम शंभु कुमार, एसपी विपिन कुमार मिश्रा, नेपाल के बांके जिला के डीएम कुमार बहादुर खडका, एसपी बीर बहादुर ओली मौजूद रहे। बैठक में बांके के डीएम ने कहा कि पहले चरण में भारत-नेपाल सीमा पर सात दिनों तक आवागमन रोकने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अधिक भीड़भाड़ होने पर कोरोना वायरस संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि आवश्यक वस्तुओं को खरीदने के अलावा अन्य कार्यों से लोग बाजार में न निकलें। हालांकि नेपाल राष्ट्र की ओर से अभी तक बंदी की घोषणा नहीं की गई है। रविवार को नेपाल की बाजार में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। जनता कर्फ्यू के चलते सीमा पर भी विशेष चौकसी रही। बहराइच के डीएम शंभु कुमार ने इंडो-नेपाल सीमा का निरीक्षण कर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सीमा से आवागमन करने वाले सभी नागरिकों के स्वास्थ्य परीक्षण में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। इस मौके पर एसडीएम नानपारा रामआसरे वर्मा, सीओ अरूणचंद्र, नेपाल के आर्म्ड पुलिस फोर्स के पुलिस अधीक्षक दीपक अधिकारी, माधव रिजाल आदि मौजूद रहे।