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शॉपिंग माल बंद, बाजार में सन्नाटा, करोड़ों का कारोबार प्रभावित

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बहराइच नगर में गुरुवार को बंद रहे मॉल। - फोटो : BAHRAICH
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बहराइच। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए लोगों में सतर्कता दिखने लगी है। डीएम के आदेश के बाद शहर में शॉपिंग मॉल बंद रहे। जिन बाजारों में पैर रखने की जगह नहीं मिलती थी, आज उन बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। दुकानें खुली हैं, लेकिन ग्राहक गायब हैं। गुरुवार को दुकानदार ग्राहक के आने के इंतजार में सड़कों पर नजर गड़ाए हुए दिखे। बंद मॉल व बाजार में पसरे सन्नाटे से करोड़ों का कारोबार प्रभावित हो रहा है।
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कपड़े की दुकान से लेकर बर्तन व फुटवियर की दुकान तक सन्नाटा पसरा हुआ है। व्यापारियों के अनुसार बाजार में सन्नाटा होने से करोड़ों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। व्यापारी सरकार से घटते व्यापार के कारण मार्च में जमा होने वाले रिटर्न को अगले माह तक विस्तारित किए जाने की भी मांग उठा रहे हैं। अमर उजाला ने शहर के घंटाघर में संचालित हो रहे व्यापारियों से बात की।
नुकसान से हो रही चिंता
बाजार से ग्राहक गायब हैं। इक्का-दुक्का दिख रहे बाजार में ग्राहक दुकान पर चढ़ने को तैयार नहीं है। 70 प्रतिशत नुकसान हो रहा है। लगातार हो रहा नुकसान चिंता का सबब बना हुआ है। ऐसे हालत रहे तो आने वाले समय में बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में सरकार को भी मार्च माह के अंतिम समय में जमा होने वाले रिटर्न को दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाए जाने की मांग की है।
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अब्दुल सईद, अध्यक्ष स्टीलगंज तालाब मार्केट एसोशिएशन
यही हाल रहा तो होंगी बड़ी दिक्कतें
बाजार में कई दुकानें ऐसी हैं जिस पर रोजाना ब्रिकी के बाद होने वाले मुनाफा से घर का खर्चा चलता है। बाजार में इसी तरह सन्नाटा पसरा रहा तो आने वाले समय में बहुत बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। बाजार प्रभावित होने से करोड़ों का नुकसान व्यापारियों को हो रहा है।
दीपक सोनी ताऊ, सर्राफा व्यापारी
20 फीसदी रह गई ब्रिकी
कोरोना के चलते ग्राहक बाजार में आने से कतरा रहे हैं। शहर से लेकर ग्रामीण तक के आने वाले ग्राहक न के बराबर आ रहे हैं। 20 फीसदी की ब्रिकी रह गई है। सहालग व लगन का समय होने के बावजूद भी दुकान में सन्नाटा पसरा हुआ है।
नदीम अहमद, चूड़ी व्यापारी
ऐसी मंदी, सोचा नहीं था
बाजार में इतना सन्नाटा कभी सोचा नहीं था। सुबह दुकान खोलने से लेकर शाम बंद करने तक दुकान पर भीड़ रहती थी, लेकिन अब भीड़ न होने के कारण सुबह देर से दुकान खोली जा रही है और जल्दी बंद की जा रही है। ऐसा मंदी का दौर आएगा, कभी सोचा न था।
फुजेल अहमद, कपड़ा व्यापारी
शासन से ही हो सकता है निर्णय
वाणिज्य कर विभाग में व्यापारियों के जीएसटी के रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 मार्च तक निर्धारित रहती है। कोरोना वायरस के संक्रमण के डर से व्यापार काफी प्रभावित हो रहा है। मगर तिथि को बढ़ाए जाने के संबंध में निर्णय शासन स्तर से ही लिया जा सकता है।
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अनुभव सिंह, असिस्टेंट कमिश्नर, जीएसटी
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