बहराइच। अमौसी एयरपोर्ट चिल्लावां निवासी एक उर्दू शिक्षक निजी कार्य से बीते दिनों बहराइच आए थे। एक दुकान पर खरीदारी करने के बाद वह बैग छोड़कर चले गए। कई दिन इंतजार के बाद भी जब बैग मालिक नहीं आया तो व्यवसायी ने बैग खोला तो उसमें 18 हजार रुपये व कागजात थे। कागजात पर मौजूद फोन नंबर से संपर्क कर उन्हें बुलाया और नकदी भरा बैग लौटा दिया।
शहर के अकबरपुरा निवासी कतर्नियाघाट फ्रेंड्स क्लब के अध्यक्ष भगवानदास लखमानी की कपड़े की दुकान पीपल तिराहे के पास है। छह दिसंबर को अध्यक्ष कतर्नियाघाट जंगल सदस्यों के साथ भ्रमण पर गए थे। इसी दिन रविवार को लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट चिल्लावां निवासी मदरसा शिक्षक तालीमुल इस्लाम जिले में रिश्तेदारी में आए। रिश्तेदारी के बाद वह खरीदारी के लिए कपड़े की दुकान पर पहुंचे। खरीदारी के बाद उर्दू शिक्षक बैग भूल गए। अध्यक्ष ने बताया कि काफी दिनों तक बैग दुकान में रखा रहा, लेकिन कोई आया नहीं। इस पर बैग को खोला गया तो उसमें 17900 रुपये, आधार कार्ड व अन्य कागजात थे। कागजात में मिले नंबर पर फोन कर जानकारी दी। उर्दू शिक्षक शनिवार को बहराइच पहुंचा। अध्यक्ष ने रुपये व अन्य सामान शिक्षक को सौंप दिया।