बहराइच। शारदीय नवरात्र का पर्व रविवार से शुरू हो रहा है। नवरात्र पर्व को देखते हुए शहर व ग्रामीण अंचलों के देवी मंदिर सज गए हैं। आज से मंदिरों पर मां दुर्गा की आराधना शुरू हो जाएगी। वहीं पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना कर वहां भी नौ दिनों तक उपासना व पूजन-अर्चन का कार्यक्रम होगा।
जिले में शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में 1280 दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना की जाएगी। साथ ही घरों में भी कलश स्थापना कर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू होगा। प्रशासन ने पूजा पंडालों पर कड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए हैं।
शारदीय नवरात्र रविवार से शुरू हो रहा है। शारदीय नवरात्र को देखते हुए देवी मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आज सुबह से ही मंदिरों में भक्तों के उमड़ने का सिलसिला जारी हो जाएगा। भक्तों की भीड़ के मद्देनजर शहर के संहारिणी मंदिर, मरीमाता मंदिर, गुल्लाबीर मंदिर समेत अन्य मंदिरों में बैरिकेडिंग करने के साथ ही प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
देवी मंदिरों को सजाने के साथ ही मंदिर के बाहर पूजन-अर्चन की सामग्री की दुकानें भी सज गई हैं। देवी मंदिरों के साथ ही पूजा-पंडालों को सजाने के लिए भी दुर्गा पूजा समितियां जुटी हुई हैं। शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में नौ दिनों तक मां दुर्गा पूजा की धूम रहेगी।
शहर के लोहिया चौराहा स्थित पूजा पंडाल में नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा के दौरान उनके अलग-अलग रूपों की झांकी प्रस्तुत की जाएगी। इसके साथ ही पुलिस लाइन रोड, पानी टंकी, कचहरी रोड, मेवातीपुरा, मेडिकल कॉलेज के निकट, तिकोनीबाग, गुदड़ी चौराहा, काजीपुरा, वजीरबाग आदि मोहल्लों में भी मां दुर्गा की प्रतिमा की स्थापना की जाएगी।
दुर्गा पूजा महासमिति के अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ने बताया कि शहर क्षेत्र में करीब 200 प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 900 दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना कर पूजन-अर्चन किया जाता है। इसके अलावा हाईकोर्ट के आदेश पर भी कई प्रतिमाओं की स्थापना की जाती है।
कलश स्थापना का मुहूर्त
पंडित विनय कुमार मिश्र ने बताया कि मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के लिए कलश स्थापना का मुहूर्त पूरे दिन रहेगा। लेकिन अभिजित मुहूर्त 11.36 बजे से दोपहर 12.24 बजे तक है। इस समय कलश की स्थापना विशेष लाभकारी व मंगलदायी होगी। हालांकि पूरे दिन भी कलश स्थापना से कोई दोष होने का योग नहीं है, जिससे पूरे दिन कलश की स्थापना की जा सकती है।