अलग-अलग स्थानों पर आग लगने से सात ग्रामीणों के मकान जल गए, जबकि 70 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। इस मामले की तहसील पर सूचना दी गई, लेकिन कोई भी राजस्वकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा है।
फखरपुर विकास खंड अंतर्गत नंदवल गांव निवासी केशव प्रसाद के अहाते में सोमवार को सुबह अचानक आग लग गई। चीख पुकार सुनकर जब तक गांव के लोग दौड़े, तब तक आग की लपटों ने वीरेंद्र, छंगा समेत चार लोगों के मकान को चपेट में ले लिया। इसी दौरान आग तेजी से पास के गेहूं के खेत में फैल गई, जिसके चलते शुभरकन, मलखे की गेहूं की फसल जल गई।
ग्रामीणों ने पंपिंग सेट चलाकर किसी तरह आग को फैलने से रोका। उधर, शिवपुर गांव के जोगीपुरवा में आग लगने से बाबादीन, परागी, राजेंद्र, शिवकुमार और तीरथ के मकान व उनमें रखा सारा सामान जल गया। यहां भी लगभग 22 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।
वहीं, विशेश्वरगंज के ग्राम पंचायत सुल्तानामाफी निवासी प्रेमशंकर गोस्वामी उर्फ गुल्ली के गेहूं के खेत में कटी हुई फसल पड़ी थी। देर रात अचानक लगी आग से पूरे खेत की गेहूं की फसल जल गई।
उधर, विशेश्वरगंज के गंगवल में आग लगने से राजितराम की गेहूं की फसल जल गई। घटनाओं की सूचना राजस्वकर्मियों को दी गई, लेकिन कोई भी राजस्वकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। इस मामले में एडीएम विद्याशंकर सिंह का कहना है कि जांच कराकर मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।