बहराइच। भारत की पहली डिजिटल जनगणना 2027 के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी के तहत मिहींपुरवा तहसील में चल रहे प्री टेस्ट के दूसरे चरण का प्रशिक्षण शनिवार को पूरा हुआ। प्रशिक्षण के दौरान जनगणना निदेशालय से आए अधिकारियों ने जनगणना कर्मियों को स्कैनर युक्त आईडी कार्ड वितरित किए।
जनगणना निदेशालय के अधिकारी अश्वनी दीक्षित ने बताया कि इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी। इसमें मकान सूचीकरण, जनसंख्या विवरण और ब्लॉक सीमांकन से जुड़ी सभी जानकारियां मोबाइल एप और स्कैनर तकनीक के माध्यम से संकलित की जाएंगी।
तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि हर प्रगणक और पर्यवेक्षक को विशेष प्रकार का आईडी कार्ड दिया गया है। इसे मोबाइल से स्कैन करने पर संबंधित कर्मी की जानकारी तुरंत प्राप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इस डिजिटल प्रणाली से जनगणना कार्य अधिक पारदर्शी और तेज होगा।
मिहींपुरवा तहसील में चल रहे इस डिजिटल प्री टेस्ट में गोपिया लौकाही, भगवानपुर कुर्मियाना, विश्वनाथगांव और झाला न्याय पंचायत के 54 राजस्व गांव शामिल हैं। यह प्री टेस्ट उत्तर प्रदेश के तीन जिलों बहराइच, बुलंदशहर और प्रयागराज में किया जा रहा है।
पहली से सात नवंबर तक स्थानीय निवासी स्व-गणना पोर्टल पर अपना विवरण दर्ज कर सकेंगे, जबकि 10 से 30 नवंबर तक प्रगणक और पर्यवेक्षक मोबाइल एप के माध्यम से आंकड़े एकत्र करेंगे।