महसी के रामदहीनपुरवा गांव में बाढ़ के पानी से घिरे होने के कारण गिरा मकान।
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। महसी में सरयू नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम होना शुरू हुआ है, लेकिन नदी खतरे के निशान से अभी भी 16 सेंटीमीटर ऊपर है। नदी का पानी गांवों में भरा हुआ है। बाढ़ का पानी तहसील के 20 से अधिक गांवों में भरा है। जिससे ग्रामीणों का जनजीवन अस्तव्यस्त है। ग्रामीण दिनचर्या के काम नहीं निपटा पा रहे हैं। उधर मंगलवार को राजस्व कर्मियों ने गांवों में राशन किट वितरित किया।
महसी तहसील में स्थित सरयू नदी का जलस्तर मंगलवार को 10.5 सेंटीमीटर घट गया। नदी का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है, लेकिन अभी भी गांवों से पानी बाहर नहीं निकला है। तहसील क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। इन गांवों की 25 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित है। घरों में पानी भरा होने से ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित है। लोग तटबंध और ऊंचे स्थान पर शरण लेने के लिए विवश हैं।
पानी अधिक होने से तहसील क्षेत्र के अंगरौरा, दुबहा, रामदहिनपुरवा, फक्कड़पुरवा, चुरईपुरवा, कोनीपुरवा समेत 20 गांव पूरी तरह प्रभावित हैं। जिन ग्रामीणों के मकान मिट्टी के बने हुए हैं वे नमी पाकर अपने आप गिर रहे हैं। तहसील प्रशासन की ओर से लगाई गई नाव से ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों की ओर पहुंचाया जा रहा है। मंगलवार को तहसील क्षेत्र के गांवों में राजस्वकर्मियों की टीम ने बाढ़ पीड़ित ग्रामीणों को राशन किट वितरित किया।
राशन वितरण का सचिव ने किया निरीक्षण
शासन के विशेष सचिव राकेश कुमार शुक्ला ने मंगलवार को बाढ़ राहत चौकी शारदासिंहपुरवा पर राहत सामग्री वितरण का निरीक्षण किया। विशेष सचिव ने पूछा कि अब तक कुल कितने लाभार्थियों को किट बांटा गया है। एसडीएम ने बताया कि 16 हजार लाभार्थियों को किट वितरण का लक्ष्य है। अब तक 4440 लाभार्थियों को बाढ़ राहत सामग्री वितरित की जा चुकी है।