बहराइच। नेपाल के पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश ने सरयू नदी को फिर उफान पर ला दिया है। सोमवार सुबह एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 18 सेमी ऊपर दर्ज किया गया। जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, हर दो घंटे में औसतन एक सेमी की वृद्धि हो रही है।
चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज से 3.23 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से महसी, कैसरगंज, नानपारा और मिहींपुरवा तहसील के तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीण दहशत में हैं, लेकिन प्रशासनिक तैयारियां नाकाफी हैं।
नेपाल के गेरुआ व कौड़ियाला नदियों में जलस्तर तेजी से बढ़ा है। रविवार रात गिरिजापुरी बैराज पर 19 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इससे सरयू ने एल्गिन ब्रिज पर खतरे का निशान पार कर लिया है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट बताती है कि सोमवार सुबह एल्गिन ब्रिज पर सरयू का स्तर 106.23 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के स्तर 106.07 मीटर से 18 सेमी अधिक है।
सरयू का जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन कटान में कमी नहीं आ रही है। महसी तहसील के जानकीनगर गांव में सरयू की लहरों ने कटान करते हुए चार घरों को समाहित कर लिया। इसी तरह अन्य गांवों में भी खेत और बगीचे नदी की भेंट चढ़ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि वे रातभर जागकर नदी की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं कि कहीं पानी उनके घरों तक न पहुंच जाए। किसान रामधनी ने बताया कि हर साल यही स्थिति होती है। खेत बर्बाद हो जाते हैं, घर गिर जाते हैं, लेकिन प्रशासन की मदद समय पर नहीं पहुंचती। हमें खुद ही नाव और गुजर बसर का इंतजाम करना पड़ता है।
वहीं जानकीनगर की मीना देवी ने कहा कि नदी के कटान से हमारा घर बह गया। अब हम रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं। सरकार से मदद की उम्मीद है। स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि प्रशासन बाढ़ आने पर सिर्फ मदद की औपचारिकता भर निभाता है। न तो समय से नावों की व्यवस्था होती है और न ही राहत इंतजाम किए जाते हैं।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट एक नजर में
एल्गिन ब्रिज : वर्तमान जलस्तर 106.23 मीटर
खतरे का स्तर 106.07 मीटर
चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज से पानी डिस्चार्ज - 3,37,226 क्यूसेक