महसी के सिलौटा गांव में उफनाई सरयू नदी से गांव के बाहर भरा पानी। -संवाद
बहराइच। सरयू नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच तटवर्ती क्षेत्रों की चिंता अभी कम नहीं हुई है। शुक्रवार शाम एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर सुबह की तुलना में दो सेमी घटा जरूर, लेकिन नदी अब भी खतरे के निशान से 11 सेमी ऊपर बह रही है। इस बीच बैराजों से करीब 3.13 लाख क्यूसेक पानी दोबारा छोड़े जाने से जलस्तर फिर तेजी से बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
शुक्रवार शाम चार बजे जारी बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर 106.18 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 106.07 मीटर है। जलस्तर में मामूली गिरावट के बावजूद नदी का दबाव बरकरार है। महसी तहसील के निचले इलाकों में गांवों के बाहर अब भी जलभराव बना हुआ है। महंतपुरवा-जोधेपुरवा संपर्क मार्ग पर पानी बहने से आवागमन प्रभावित है।
बाढ़ खंड के एसडीओ नंदू प्रसाद का कहना है कि बैराजों से छोड़ा गया अतिरिक्त पानी देर रात और शनिवार सुबह तक एल्गिन ब्रिज पहुंच सकता है। ऐसे में जलस्तर में दोबारा वृद्धि की संभावना है। यदि डिस्चार्ज इसी स्तर पर बना रहा तो निचले इलाकों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
उप जिलाधिकारी राजेश अग्रवाल ने बताया कि फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। जलस्तर में हल्की गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सभी राजस्व कर्मियों को अलर्ट पर रखा गया है। जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाएगा।