बहराइच में एक प्रतिष्ठान पर जांच करती खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम। - विभाग
बहराइच। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की टीम ने जिले में मिलावटी घी और खाद्य तेलों की जांच के लिए तीन दिवसीय अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने नेपाल और अन्य राज्यों से आयातित 13 ब्रांडों के संदिग्ध नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे।
सहायक खाद्य आयुक्त अमर सिंह ने बताया कि विभागीय टीम ने छह से आठ मई तक नेपाल और अन्य राज्यों से जिले में आने वाले घी एवं खाद्य तेलों की जांच के लिए अभियान चलाया। इस दौरान नेपाल से आयातित सफारी राजहंस, न्यूट्री प्लस और कालिका ब्रांड के रिफाइंड सोयाबीन ऑयल के नमूने लिए।
इसके अलावा महाराष्ट्र में निर्मित सोयम ब्रांड रिफाइंड सोयाबीन ऑयल, पश्चिम बंगाल में निर्मित पतंजलि तिल का तेल, गुजरात निर्मित फॉर्च्यून रिफाइंड सोयाबीन ऑयल, इमामी एग्रो टेक का हिमानी बेस्ट च्वाइस रिफाइंड पामोलिन ऑयल तथा राजस्थान में निर्मित फर्स्ट क्रॉप कच्ची घानी सरसों तेल के संदिग्ध नमूने भी एकत्र किए गए।
वहीं घी के नमूनों में महाराष्ट्र में निर्मित पतंजलि गाय का घी और पंजाब में निर्मित मिल्क फूड रिच देसी घी शामिल हैं। सहायक खाद्य आयुक्त ने बताया कि सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद मानकविहीन पाए जाने वाले उत्पादों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरुण शुक्ला, खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार वर्मा, अजय सिंह और कृपाशंकर मौजूद रहे।