बहराइच। सरकार के निर्देश के बाद भी नवनियुक्त शिक्षकों को वेतन देने का मामला अधर में फंसा हुआ है। दो चरणों में जिले में तैनाती पाने वाले 946 शिक्षकों में से अभी तक दस फीसदी का भी सत्यापन बेसिक शिक्षा विभाग नहीं कर सका है। ऐसे में शिक्षक वेतन पाने के लिए कार्यालय का चक्कर काटने को मजबूर हैं। महज 123 शिक्षकों को वेतन दिए जाने की कार्रवाई फाइलों में ही आगे बढ़ सकी है।
शासन की ओर से बीते दो माह पूर्व जिले में शिक्षकों की तैनाती करन के आदेश दिए थे। दो चरणों में काउंसिलिंग की प्रक्रिया पूरी की गई। पहले चरण में 176 और दूसरे चरण में 770 नवनियुक्त शिक्षकों को तैनाती प्रदान की गई थी। स्कूल का आवंटन भी कर दिया गया। मगर इनको वेतन अभी तक नहीं मिल सका है। लगभग दो माह से सत्यापन की कार्रवाई में बेसिक शिक्षा विभाग जुटा हुआ है। अभी तक सत्यापन की कार्रवाई पूरी ही नहीं की जा सकी है। महज 123 शिक्षकों को वेतन दिए जाने के लिए फाइलों में अग्रिम कार्रवाई शुरू होने की जानकारी विभाग दे पा रहा है। जबकि सभी को ऑनलाइन सत्यापन कराते हुए एक सप्ताह के अंदर ही वेतन दिए जाने का आदेश जारी किया गया था। वेतन न मिलने के कारण शिक्षक कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
प्रशिक्षण भी हो चुका पूरा
नवनियुक्त शिक्षकों को डायट पयागपुर में प्रशिक्षण प्रदान किया जाना था। प्रशिक्षण की कार्रवाई भी बीते दिनों डायट प्राचार्य उदयराज की देखरेख में पूरी की जा चुकी है।
बीईओ की अध्यक्षता में बनी है समिति
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार यादव ने बताया कि नवनियुक्त शिक्षकों के अभिलेखों की जांच और सत्यापन के लिए बीईओ मुख्यालय की अध्यक्षता में समिति गठित है। समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद ही वेतन दिए जाने के संबंध में अग्रिम कार्रवाई की जाती है। अभी सत्यापन की कार्रवाई चल रही है। कुछ शिक्षकों की वेतन पत्रावली अग्रसारित की जा चुकी है।