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गांवों की सड़कों के लिए बजट ही नहीं

Thu, 16 Jul 2015 10:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
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बहराइच। गांव की सड़कें बदहाल होती जा रही हैं लेकिन इस पर न तो सरकार और न ही जिम्मेदार विभाग ध्यान दे रहा है। सरकार का खजाना गांवों की सड़कों को छोड़कर स्टेट हाईवे और अन्य मार्गों पर निर्माण के लिए खुला हुआ है।
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पीडब्ल्यूडी और निर्माण खंड एक के पास पूरे साल में सड़क की मरम्मत के लिए फूटी कौड़ी भी नहीं भेजी गई। ऐसे में गांव में साइकिल व पैदल भी चलना मुश्किल हो गया है।

इससे न सिर्फ जिले के विकास थमा हुआ है बल्कि लोगों की आवागमन की दुश्वारियां भी बढ़ गई हैं।

बहराइच के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों पर चलना आसान नहीं रह गया है। ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों की मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी के पास बजट ही नहीं है।

जिले के महसी क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित होने के कारण कई सड़कों का पता ही नहीं चल पा रहा है। इसके अलावा बलहा विधानसभा क्षेत्र में गत वर्ष आई बाढ़ से भी सड़कें बदहाल हो गई हैं। अन्य मार्गों की हालत भी ठीक नहीं रह गई है।
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हालांकि, नए मार्गों के निर्माण के लिए डॉ. राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम और रामशरण दास सड़क निर्माण योजना के तहत जिला प्रशासन को बजट आवंटन होता रहा है।

बहराइच में शहर के दोनक्का तिराहे पर ही सड़क की हालत चलने लायक नहीं है। यहां दो माह पूर्व निर्माण होने के बाद भी सड़क पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है।
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इसकी मरम्मत के नाम पर अब तक लगभग दस लाख से अधिक खर्च हुआ है लेकिन हालात जस के तस हैं।
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