लोहरा गांव में डब्ल्यूटीआई की ओर से लगाया गया जाल। - स्रोत : आयोजक
बिछिया। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के निशानगाड़ा रेंज में तेंदुए के आतंक से ग्रामीणों को सुरक्षित करने के लिए वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूटीआई) ने एक अभियान शुरू किया है। इसके प्रथम चरण में ग्राम पंचायत कारीकोट के लोहरा गांव में वन्य जीव रोधी आवासीय समूह का निर्माण किया गया है।
लोहरा गांव के रामदेव, कनछेद, जोगेंद्र सिंह, राकेश, चुन्ना और पप्पू के घर एक ही स्थान पर सटे हुए हैं। बीते कई महीनों से यहां तेंदुए की आवाजाही बनी हुई थी और वह कई मवेशियों को शिकार बना चुका था। ग्रामीणों के भय को दूर करने के लिए डब्ल्यूटीआई ने इन घरों को चारों ओर से 15 से 18 फीट ऊंची मजबूत प्लास्टिक जालियों और बांस-बल्लियों से घेर दिया है।
सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए सुरक्षित दरवाजे लगाए गए हैं। जालियों के ऊपर कांटेदार तार लगाए गए हैं। साथ ही रात के लिए प्रकाश व्यवस्था और सतर्क करने के लिए सायरन लगाया गया है।
बृहस्पतिवार को एक जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से इस पहल का उद्घाटन किया गया। इसमें स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को वन्यजीवों के साथ सुरक्षित सह-अस्तित्व और बचाव के तरीके सिखाए गए। डब्ल्यूटीआई के मानव-वन्यजीव संघर्ष डिवीजन के प्रमुख डॉ. अभिषेक घोसाल ने बताया कि यह एक प्रयोगात्मक पहल है।
यदि यह सफल रही, तो कतर्नियाघाट के अन्य प्रभावित गांवों में भी ऐसे सुरक्षित क्लस्टर बनाए जाएंगे। इस अवसर पर फील्ड सहायक ज्योति अंतिल, वन दरोगा पीडी कनौजिया, प्रधान प्रतिनिधि केशवराम चौहान, संतराम, सुभाष सिंह, लालबहादुर सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।