बहराइच। जिले के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित हुए 2551 शिक्षामित्रों का भविष्य दांव पर लग गया है।
न्यायालय के आदेश से समायोजित शिक्षकों के चेहरे का रंग उड़ गया है। वहीं, समायोजन की बाट जोह रहे 848 शिक्षामित्र भी पशोपेश में हैं।
जिले की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों के पद की व्यवस्था बनाई थी। इसके तहत जिले में बेसिक शिक्षा और सर्व शिक्षा अभियान के द्वारा विभिन्न चरणों में 3399 शिक्षामित्रों की भर्ती की गई थी।
2500 मानदेय से शुरुआत हुई, जिसे बढ़ाकर 3500 कर दिया गया। लेकिन समय बीतने के साथ ही शिक्षामित्रों ने समान कार्य, समान वेतन की आवाज उठाई। इस पर सरकार ने उनके समायोजन का रास्ता निकाला।
दूरस्थ शिक्षा विधि से जिले के शिक्षामित्रों को तीन चरणों में बीटीसी का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रथम चरण में एक हजार शिक्षामित्र प्रशिक्षित हुए। इनमें से 986 शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किया गया।
द्वितीय चरण में 2413 शिक्षामित्रों का प्रशिक्षण पूरा हुआ। इनमें से 1565 शिक्षामित्रों को मई में सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित कर दिया गया लेकिन शिक्षकों का पद रिक्त न होने के चलते 848 शिक्षामित्र समायोजन से वंचित रह गए। इसी बीच मामला न्यायालय पहुंच गया और समायोजन पर रोक लग गई।
शनिवार को न्यायालय ने शिक्षामित्रों के मामले में फैसला सुनाते हुए इस समायोजन को गलत बताकर रद्द कर दिया है, जिससे शिक्षामित्रों को करारा झटका लगा है।
शिक्षामित्र संघ के नेता बलराम बाजपेई का कहना है कि अब सुप्रीमकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने जो फैसला सुनाया है, इसमें सिर्फ सरकार को केंद्रबिंदु बनाया गया है। यह ध्यान नहीं रखा गया कि शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द होने से भारी संख्या में बेरोजगारों की फौज खड़ी हो जाएगी।
श्रावस्ती में 989 शिक्षामित्रों की उम्मीदों पर फिरा पानी
हाईकोर्ट के आदेश से श्रावस्ती के भी 989 शिक्षामित्रों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। ये सभी का सहायक अध्यापक के पद पर हाल ही में समाजित हुए हैं। लेकिन, अब न्यायालय के फैसले के आगे सभी बेबस हैं।
निराश न हों
शिक्षामित्र और समायोजित शिक्षकों को निराश होने की जरूरत नहीं है। सरकार उनके साथ है। हाईकोर्ट के आदेश की प्रति मिलते ही सरकार सुप्रीमकोर्ट में अपील करेगी।
- योगेश प्रताप सिंह, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री
कराएंगे अनुपालन
शिक्षामित्रों के समायोजन के मामले में न्यायालय के परिप्रेक्ष्य में शासन जो भी दिशा निर्देश देगा, उसी के तहत कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ अमरकांत सिंह, बीएसए बहराइच