बहराइच। जिले के कस्तूरबा विद्यालयों में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद अनामिका की खोज में शिक्षा विभाग जुटा है। वार्डेन से लेकर शिक्षिकाओं तक के अभिलेखों की जांच की जा रही है। मामला गोंडा से जुड़ा होने के कारण विभाग अधिक गहनता से जांच में लगा हुआ है।
बहराइच जनपद में बालिकाओं की शिक्षा के लिए कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय स्थापित हैं। जिले के चौदह विकास खंडों में एक-एक कस्तूरबा विद्यालय स्थापित हैं। जबकि बिछिया में अनुसूचित जाति व जनजाति की बालिकाओं के लिए एक विद्यालय हैं।
हर विद्यालय में बालिकाओं को शिक्षा देने के लिए वार्डेन, फुल और पार्ट टाइम टीचर की तैनाती है। कासगंज के एक विद्यालय की शिक्षिका के कई स्कूलों में नौकरी करने का मामला सामने आने के बाद महकमा गहनता से जांच में जुट गया है। सभी वार्डेन से स्कूल में तैनात शिक्षकों व कर्मचारियों के अभिलेख मांगे गए हैं।
हालांकि अभी तक बहराइच में की गई जांच में अनामिका नाम की किसी शिक्षिका की तैनाती की पुष्टि नहीं हुई है। इसके बाद भी जांच की जा रही है। बीएसए दिनेश यादव का कहना है कि अभिलेखों का सत्यापन कराया जा रहा है। इस के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में तैनाती को लेकर पहले भी सवाल खड़े हो चुके हैं। स्कूलों में शिक्षिकाओं की मानकों को दरकिनार कर तैनाती किए जाने के मामले सामने आ चुके हैं। कई बार कस्तूरबा विद्यालयों में तैनाती को लेकर ऊंचे ओहदेदारों और जनप्रतिनिधियों के बीच भी टकराहट के हालात पैदा हो चुके हैं। हालांकि प्रशासन जांच के बाद ही कुछ कह पाने का दावा कर रहे हैं।
नहीं है कोई भी शिक्षिका
बहराइच जनपद के सभी कस्तूरबा विद्यालयों में तैनात शिक्षिकाओं और कर्मचारियों के अभिलेखों की रैंडम जांच की गई है। जांच में अभी अनामिका नाम की किसी भी शिक्षिका की बात सामने नहीं आई है। अभिलेखों का भी सत्यापन कराया जा रहा है।
दिनेश यादव, बीएसए, बहराइच