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Bahraich News: बागी व भितरघाती बढ़ा सकते हैं भाजपा व कांग्रेस की मुश्किलें

Tue, 18 Apr 2023 11:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
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बहराइच। निकाय चुनाव में नामांकन का दौर खत्म हो गया है। सभी प्रमुख सियासी दलों के प्रत्याशियों की स्थिति भी साफ हो चुकी है। लेकिन भाजपा में टिकट बंटवारे के बाद पयागपुर नगर पंचायत में मचे घमासान के बीच विरोधियों के तेवर भी तल्ख हैं। गठबंधन को भुलाकर निषाद पार्टी ने सदर सीट पर भाजपा प्रत्याशी के ही खिलाफ ताल ठोक दी है।
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जबकि कांग्रेस पार्टी में भी बीते दस दिनों जिलाध्यक्ष के खिलाफ उठे विरोध के स्वर समाप्त होने का नाम नहीं ले रही है। ऐसे में अगर शीघ्र ही पार्टी के असंतुष्ट नेताओं को शांत नहीं किया गया, तो यह तय है कि दोनों दलों को काफी नुकसान पहुंचने से कोई रोक नहीं सकता। सियासी दलों की ओर से नामांकन के अंतिम दौर में प्रत्याशियों की लिस्ट को जारी कर निकाय चुनाव की स्थित साफ कर दी है। लेकिन प्रमुख सियासी दलों के प्रत्याशियों के नाम साफ हो जाने के बाद अब टिकट बंटवारे को लेकर पयागपुर नगर पंचायत में भाजपा कार्यकर्ताओं में घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है।

भाजपा द्वारा अपना अधिकृत प्रत्याशी को घोषित करने के बाद नगर पंचायत में दो भाजपा के बागी प्रत्याशियों ने भी अध्यक्ष के पद अपना पर्चा दाखिल कर भाजपा खेमे में हलचल मचा दी है। उधर भाजपा गठबंधन में शामिल निषाद पार्टी भी अपना गठबंधन धर्म भूलकर सदर नगर पालिका की सीट पर अपने प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतार दिया है।
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बता दें निषाद पार्टी के मुखिया व प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद जिले के प्रभारी मंत्री है। ऐसे में उनकी पार्टी के ओर से भाजपा के खिलाफ प्रत्याशी को खड़ाकर भाजपा खेमे की बेचैनी बढ़ा दी है। वहीं कांग्रेस पार्टी में दस दिन पूर्व शुरू हुए पार्टी के जिलाध्यक्ष के विरोध में असंतोष के स्वर थमने का नाम नहीं ले रहा है। दस दिनों में आधा दर्जन से अधिक पदाधिकारियों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। एक महिला पदाधिकारी ने इस्तीफा देने के बाद बागी तेवर अपनाते हुए दूसरे सियासी दल से सदर सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ ताल ठोंक दिया है। फिलहाल दोनों दलों में मची अंदरूनी कलह पर अगर शीघ्र ही अंकुश नहीं लगाया जाता है, तो निश्चित चुनाव में दोनों दलों का काफी नुकसान पहुंच सकता है।
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