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नजदीकी गोशाला व पशु आश्रय स्थल पहुंचाएं पराली

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बहराइच। धान की फसल खेतों में तैयार हो गई है। ऐसे में कटाई के बाद किसान पराली खेतों में जला रहे हैं। इसको देखते हुए जिला कृषि अधिकारी ने किसानों के नाम पत्र जारी किया है, जिसमें खेतों में पराली जलाने पर जुर्माना लगाए जाने की बात कही गई है। उधर, जिलाधिकारी ने नजदीकी गोशाला व पशु आश्रय स्थल में पराली पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रिसिया में भी पराली बेच सकते हैं।
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जिला कृषि अधिकारी सतीश कुमार पांडेय ने जिले के किसानों के नाम पत्र जारी किया है। पत्र में जिला कृषि अधिकारी ने कहा है कि खेतों में धान की फसल तैयार हो गई है। किसान धान की फसलों की कटाई कर रहे हैं। ऐसे में फसल अवशेष खेत में न जलाएं, इससे खेत की उर्वरा शक्ति क्षीण होती है। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ सुप्रीमकोर्ट, एनजीटी ने भी प्रदूषण को रोकने के लिए पराली जाने पर रोक लगाई है। ऐसे में किसान सरकार व कोर्ट की बात पर अमल करें। जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि दो एकड़ से कम जमीन में पराली जलाने पर 2500 रुपये प्रति घटना, दो से पांच एकड़ जमीन की पराली जलाने पर पांच हजार रुपये और पांच एकड़ से अधिक में पराली जलाने पर 15 हजार रुपये प्रति घटना अर्थदंड लगाया जाएगा। पुनरावृत्ति करने पर संबंधित किसान के विरुद्ध केस भी दर्ज कराया जाएगा। जिलाधिकारी शंभु कुमार ने किसानों को पराली जलाने के बजाए नजदीकी गोशाला या पशु आश्रय स्थल में पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही रिसिया में स्थित धर्मकांटा में पराली 150 रुपये प्रति क्विंटल बेचने के निर्देश दिए हैं।
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