मौनी बाबा आश्रम में दशहरा के लिए रावण का पुतला तैयार करते कारीगर। -संवाद
बहराइच। महापर्व दशहरा बृहस्पतिवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। सरयू के झिंगहाघाट स्थित तट के पास रामलीला मैदान में अहंकारी रावण के 55 फुट के पुतले का दहन किया जाएगा। रावण का पुतला अट्टहास करने के साथ बोलेगा और चलेगा भी।
रामलीला मैदान में मथुरा-वृंदावन के कलाकार मनोहारी मंचन कर रहे हैं। दो अक्तूबर को शहर के पांडवकालीन श्रीसिद्धनाथ मंदिर में भोलेनाथ की पूजा-अर्चना के बाद लंकेश अपनी सेना के साथ रामलीला मैदान पहुंचेगा। वहां राम-रावण के बीच भीषण युद्ध होगा। इस वर्ष रावण का पुतला 55 फुट, कुंभकर्ण का पुतला 21 फुट व मेघनाद का पुतला 18 फुट का है।
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष श्यामकरन टेकड़ीवाल ने बताया कि इस बार की रामलीला में रावण के पुतले में इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम का सहारा लिया गया है। पुतला अट्टहास करने के साथ बोलेगा और चलेगा भी। बताया कि पुतला दहन के बाद आतिशबाजी की जाएगी।
मीडिया प्रभारी सचिन श्रीवास्तव ने बताया कि दशहरा महोत्सव हाईटेक अंदाज में मनाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए है। दशहरा महोत्सव को देखने के लिए काफी संख्या में शहर व ग्रामीण क्षेत्र के दर्शक आएंगे। सभी दर्शकों के लिए बेहतर व्यवस्था बनाई गई है।
रावण का पुतला बनाने में लगे सात दिन
नाजिरपुरा निवासी प्रहलाद और गुड़िया ने बताया कि पुतला बनाने में पांच कारीगर लगे रहे। पुतले का ढांचा बनाने में सात दिन का समय लगा है। भगवान राम द्वारा बाण का प्रहार करते ही तेज आतिशबाजी के साथ पुतले का दहन होगा।