डीएम को देने वाले ज्ञापन को दिखातीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता। - स्रोत : आयोजक
चरदा। आंगनबाड़ी केंद्रों पर लंबे समय से राशन आपूर्ति बाधित रहने से व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। गेहूं और चावल न मिलने के कारण गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों को मिलने वाला पोषण आहार प्रभावित हो रहा है। इससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ब्लॉक अध्यक्ष नीता पुरी की अगुवाई में रविवार को हुई बैठक में कार्यकर्ताओं ने कोटेदारों पर मनमानी के आरोप लगाए। उनका कहना है कि बार-बार मांग के बावजूद राशन नहीं दिया जा रहा है, जबकि कुछ जगहों पर “एक बटे तीन” के हिसाब से वितरण की बात कही जा रही है, जो शासन की व्यवस्था के खिलाफ है।
कार्यकर्ताओं ने बाल विकास परियोजना अधिकारी नवाबगंज संजय सचान की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। आरोप है कि शिकायत करने पर सुनवाई नहीं होती, उल्टा दबाव बनाया जाता है। कुछ कार्यकर्ताओं ने अभद्र व्यवहार और अवैध वसूली के भी आरोप लगाए।
सहज रामपुरवा की लक्ष्मी सोनी और जैतापुर की मंजू सिंह समेत कई कार्यकर्ताओं ने बताया कि राशन न मिलने से उन्हें ग्रामीणों के सवालों का सामना करना पड़ रहा है और उनकी छवि प्रभावित हो रही है।
कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही राशन की आपूर्ति बहाल न हुई और दोषियों पर कार्रवाई न हुई तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगी। उन्होंने इस मामले में जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच कर नियमित आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की है।