राप्ती की लहरों ने कछार में बसे गांवों में कहर बरपाना शुरू कर दिया है। बुधवार को बाढ़ से भिनगा-इकौना मार्ग कट गया। इससे आवागमन ठप हो गया है। कई गांवों में नदी की लहरें तेजी से कटान कर रही है। 38 घर कट कर नदी में समा गए हैं।
कई मकान कटान की जद में हैं। बाढ़ से कई बीघा भूमि भी जलमग्न हो गई है। जमुनहा के जोगिया गांव में नदी कटान कर रही है। बुधवार को गांव के कंधई लाल, माधवराम, बंशीलाल, राधेश्याम, बब्बन, राजितराम, तिलकराम, मूसे, स्वामी दयाल, सुब्रहत, रामनिवास, सहजराम, बहोरी, साबितराम, उमाशंकर, सुखदेव के घर कटकर राप्ती में विलीन होते रहे।
लगभग दस हेक्टेअर फसल भी बर्बाद हो चुकी है। इकौना के टंड़वा जगरानी गांव में भी नदी कटान कर रही है। यहां अब तक मंगरे का घर व रामबुझारत का दो बीघा खेत, ननके का दस बीघा व रामनरेश का दो बीघा खेत नदी में समा चुका है। जबकि कोड़री दीगर गांव में उजागर, ढोढ़े, तिलके, लालजी का घर नदी में समा चुका है।
हरिहरपुररानी के मनिकापुर में रामगोपाल, गोपाल, गुड्डू, गोबरे, नारायण, पूरन, शिव प्रसाद, राममिलन, विजयी, महेश, विक्रम, नंदू, शिव कुमार, मंगल व अन्नी का घर कट कर नदी की धारा में विलीन हो गया है। राप्ती की लहरें लल्लन, ननकू व राधे के घर को भी तेजी से काट रही हैं।
इकौना तहसील सहित मंडल मुख्यालय गोंडा व बौद्ध तपोस्थली के साथ ही पड़ोसी बलरामपुर जिले को जोड़ने वाला इकौना भिनगा मार्ग अंधरपुरवा गांव के निकट कट गया है। इससे लोगों को आवागमन के लिए अब गिलौला मार्ग का सहारा लेना पड़ेगा। मुख्य मार्ग के काटने से राप्ती की लहरें अंधरपुरवा गांव में प्रवेश कर रही है। इससे गांव जलमग्न हो चुका है।