नेपाल के पहाड़ों पर लगातार हो रही बरसात से राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही प्राथमिक विद्यालय रमनगरा सहित कछार में बसे कई गांवों में नदी तेजी से कटान कर रही है। इससे ग्रामीणों में दहशत है। वहीं तीन दिनों से जिले में हो रही बारिश से किसानों ने भी खेतों में काम तेज कर दिया है।
राप्ती की लहरें जमुनहा के नरैनापुर, उत्तमापुर, सुल्ताना, सर्रा, भुड़कुलवा, संगमपुरवा, मालिकपुरवा, लक्ष्मनपुर सेमरहनिया, हरिहरपुर, वीरपुर, बरंगा, शिकारी, जोगिया, बरुआ, गुरुदत्तपुरवा, गुरुआ, हसनापुर, भरथा, कटरा, सलारूपुरवा सहित कई अन्य गांव में तेजी से खेतों में कटान कर रही हैं।
सबसे खराब स्थिति कछार में बसे गांवों की है। जहां पहाड़ों पर होने वाली बरसात के कारण राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। इसके चलते जहां राप्ती ने गिलौला के प्राथमिक विद्यालय रमनगरा के एक कक्ष को काट कर अपनी धारा में मिला लिया, वहीं अन्य कमरे भी कटान की जद में हैं।
इसे देखते हुए जिलाधिकारी ने बीएसए को अन्य स्थान पर विद्यालय संचालन कराने का निर्देश दिया है। वहीं इकौना के कोंडरी दीगर व मजगवां को जोड़ने वाले मुख्य संपर्क मार्ग को भी राप्ती तेजी से काट रही है। डीएम के निर्देश पर राजस्व निरीक्षक व हलका लेखपालों ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया।
दूसरी ओर जिले में विगत तीन दिनों से हो रही बरसात के बाद खेत व तालाब जलमग्न हो गए हैं। अपेक्षित बरसात होने से किसानों ने अपने खेतों में धान की रोपाई शुरू कर दी है। वहीं बरसात के कारण भिनगा के खैरीमोड़ सहित कई जगह मुख्य मार्गों पर जलभराव हो गया है।