बहराइच। षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश जलाल मोहम्मद अकबर की अदालत ने मंगलवार को दुष्कर्म के मामले में आरोपी बुधराम लोध को दोषी करार देते हुए दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपी पर कुल 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। आरोपी जमानत पर था, इसलिए अदालत ने उसके जमानत बंधपत्र निरस्त कर उसे सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया।
अभियोजन के अनुसार मामला पयागपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। 22 जून 2014 की रात करीब 12 बजे पीड़िता के पति बीमार थे और परिवार के लोग उनका इलाज कराने बहराइच गए थे। इसी दौरान आरोपी बुधराम लोध दीवार फांदकर घर में दाखिल हुआ। आरोप है कि उसने कट्टा दिखाकर पीड़िता को धमकाते हुए दुष्कर्म किया।
पीड़िता की शिकायत के बावजूद जब पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की तो उसने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर 22 नवंबर 2016 को प्राथमिकी दर्ज की गई। मुकदमे की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना। अदालत ने आरोपी को दस वर्ष के कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।