बहराइच। किशोरी को फुसलाकर घर से ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने शनिवार को फैसला सुनाया। षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश जमाल मोहम्मद अकबर ने बौंडी क्षेत्र के गोलागंज निवासी सुभाष यादव को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 28 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
अभियोजन के अनुसार 15 वर्षीय किशोरी के घर से लापता होने पर उसके पिता ने बौंडी थाने में तहरीर दी थी। आरोप था कि सुभाष यादव किशोरी को फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले में 31 जुलाई 2009 को रिपोर्ट दर्ज हुई थी। तत्कालीन विवेचक उपनिरीक्षक रामसेवक मिश्रा ने विवेचना पूरी कर 22 अगस्त 2009 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था।
मामले में अदालत ने 13 अक्तूबर 2011 को आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए। इसके बाद लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर उसको दोषी माना।
अदालत ने शनिवार को मामले की सुनवाई करते हुए दोषी सुभाष यादव को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 28 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।