बहराइच। शासन ने सुविधाओं को देखते हुए कोरोना संक्रमितों को होम आइसोलेट कराने के निर्देश दिए हैं। उसी के तहत संक्रमित लोग होम आइसोलेट किए जा रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित रैपिड रिस्पांस टीम घरों तक संक्रमितों का इलाज करने नहीं जाती है। अब तक जिले में 1007 लोग होम आइसोलेट हो चुके हैं। इनमें से 184 मामले सक्रिय हैं। ऐसे में होम आइसोलेट लोगों का इलाज भगवान भरोसे चल रहा है।
जिले में स्थापित कोविड अस्पतालों में कोरोना संक्रमित लोगों का इलाज किया जा रहा है लेकिन कोविड अस्पताल में मरीजों को शुद्ध भोजन व पानी आदि की व्यवस्थाएं नहीं मिल रही थीं। कई जिलों से शिकायत मिलने के बाद प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमितों को होम आइसोलेट कराने के निर्देश दिए लेकिन होम आइसोलेट हुए मरीजों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
होम आइसोलेट संक्रमित लोगों को इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से रैपिड रिस्पांस टीम गठित की गई है। इनमें एक चिकित्सक और एक फार्मेसिस्ट घर जाकर पॉजिटिव का इलाज करने के साथ दवाइयां देते हैं लेकिन ये व्यवस्थाएं सिर्फ कागजों पर ही संचालित हैं। शहर क्षेत्र में ही संक्रमित लोगों का हाल जानने स्वास्थ्य कर्मी नहीं जा रहे हैं।
सीएमओ डॉ. सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि जिले में अब तक 1007 लोगों को होम आइसोलेट किया गया है। इनमें से 184 मामले सक्रिय हैं। रिस्पांस टीम घर-घर जाकर संक्रमित लोगों का इलाज कर रही है। टीम द्वारा संक्रमितों का इलाज करने के साथ दवा भी दी जा रही है। 10 दिन पर संक्रमित लोगों की जांच कराई जा रही है।
पयागपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. एनबी जायसवाल ने बताया कि विकास खंड क्षेत्र के 26 लोग कोरोना संक्रमित मिले। इनमें से सिर्फ 10 लोग होम आइसोलेट हैं जबकि 16 मरीज कोविड अस्पताल में भर्ती हैं। बलहा के डॉ. संजय सोलंकी ने बताया कि दो लोग होम आइसोलेट थे। दोनों निगेटिव आ गए हैं।
नानपारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. चंद्रभान ने बताया कि नगर के कवि नगर में एक, जुबलीगंज में दो और किला मोहल्ले में एक संक्रमित हैं। इन सभी को रैपिड रिस्पांस टीम डॉ. अविनाश, फार्मेसिस्ट सहाबुद्दीन, डॉ. संतोष यादव और फार्मेसिस्ट आरके विश्वास द्वारा दवा दी जा रही है। परिवारीजनों को भी खाना खाने के बाद दवा खिलाई जा रही है।