घर के सामने बरामदे में शनिवार देर रात खेल रही एक बालिका को टॉफी खिलाने के बहाने पड़ोस का एक युवक गोद में लेकर चला गया, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिवारीजनों ने खोजबीन की, लेकिन पता नहीं लग सका। सभी रात में भटकते रहे।
सुबह गांव से कुछ दूरी पर स्थित पीएचसी परिसर में लोग बालिका को ढूंढते हुए पहुंचे तो स्वास्थ्य केंद्र की छत पर वह बेहोश पड़ी मिली। ग्रामीणों ने मौके पर मिले आरोपी की पिटाई कर उसे पेड़ से बांध दिया। बालिका को सीएचसी पहुंचाया गया, वहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया है।
कोतवाली मुर्तिहा क्षेत्र के एक गांव निवासी चार वर्षीय बालिका शनिवार रात करीब नौ बजे बिजली आने पर घर के सामने स्थित बरामदे में खेल रही थी। परिवार के सदस्य अंदर खाना खा रहे थे। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला प्रमोद (20) बालिका को टॉफी खिलाने के बहाने गोद में उठा ले गया।
रात 11 बजे परिवारीजनों को जब मासूम नहीं दिखी तो सभी चिंतित हुए। आसपास के लोगों से पता चला कि पड़ोसी प्रमोद को सभी ने ले जाते देखा था। इस पर खोजबीन शुरू हुई, लेकिन पूरी रात पता नहीं चल सका। भोर में चार बजे पुन: तलाश शुरू हुई। गांव के लोग पीड़ित परिवारीजनों के साथ बालिका को खोजते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर पहुंचे। इसके बाद जब सभी छत पर चढ़े तो बालिका बेहोशी की हालत में मिली।
इस पर ग्रामीणों ने मौके पर ही मिले आरोपी को पेड़ से बांधकर जमकर पीटा। बालिका को तत्काल सीएचसी पहुंचाया गया। यहां पर प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने हालत गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया है।
रेप की सूचना पाकर पुलिस क्षेत्राधिकारी अजय भदौरिया व कोतवाल ने भी गांव पहुंचकर जांच की है। कोतवाल राजेश यादव ने बताया कि बालिका के पिता की तहरीर पर आरोपी प्रमोद के खिलाफ नामजद केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।