बहराइच। ग्राम पंचायत भकला के मजरा गोपालपुर निवासी कृपाराम साहू (60) बीते शनिवार को पत्नी तारा देवी (55) के साथ गेहूं काटने खेत गए थे। इस दौरान कृपाराम का पत्नी से किसी बात पर विवाद हो गया। इससे नाराज कृपाराम ने पत्नी पर हंसिए से हमला कर उसकी हत्या कर दी। वहीं कुछ देर बाद खुद भी बबूल के पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वहीं, कुछ ही घंटों में हुई दो-दो मौतों से रामगांव पुलिस अंजान बनी रही। इसके बाद रविवार को पुलिस ने मृतक के पुत्रों पर ही मामला दर्ज कर लिया। रामगांव पुलिस की इस कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।
सूत्रोंं के अनुसार रामगांव थाना प्रभारी ने खुद एसपी की नजर में अपनी छवि अच्छी साबित करने के लिए दो-दो मौतों को दबा दिया। यही नहीं घटना के बाद परिजनोंं में दोनों शवोंं का अंतिम संस्कार भी कर दिया और पुलिस अंजान बनी रही।
रामगांव पुलिस की कार्यशैली चर्चा में आने के बाद घटना के 39 घंटे बाद पुलिस ने चौकीदार बरसाती की तहरीर पर साक्ष्य मिटाने का केस दर्ज किया गया है। इसमें मृतकों के बेटों नंद किशोर साहू, मोतीलाल साहू पर ग्रामीणों के साथ बिना पुलिस सूचना के शवों का अंतिम संंस्कार कर साक्ष्य मिटाने की बात कही गई है। अब सवाल यह है कि आखिरकार घटना के 39 घंटे तक चौकीदार कहां थे और उन्हें कैसे जानकारी नहीं हुई।