बहराइच/बिछिया। अपनी सादगी से सपा नेतृत्व को प्रभावित करने वाले बलहा विधायक बंशीधर बौद्ध राज्यमंत्री बने पर कच्चे मकान को पक्का करने का उनका सपना शायद ही कभी पूरा हो।
कारण है वन विभाग के नियम कानून। राज्यमंत्री का गांव वनग्राम के अंतर्गत आता है और वनग्रामों में पक्के निर्माण पर प्रतिबंध है।
आलम यह है कि मिहींपुरवा के नईबस्ती टेड़िया गांव स्थित उनके कच्चे घर के सामने एक टिनशेड के नीचे लाल बत्ती गाड़ी खड़ी करने का इंतजाम किया गया है।
गौरतलब हो कि राज्यमंत्री बंशीधर बौद्ध का परिवार वर्ष 1970 में बलिया से बहराइच आया था। परिवार के लोगों ने घाघरा नदी के किनारे शरण ली थी।
1974 की बाढ़ में सब कुछ तबाह होने के बाद बिछिया बाजार से दो किलोमीटर की दूरी पर कटान और बाढ़ पीड़ितों की नई बस्ती बसी। इसमें राज्यमंत्री का परिवार भी शामिल है।
संयोग और समय के बदलाव के साथ बंशीधर ने वह मुकाम हासिल कर लिया है जो लोगों के लिए सपना होता है लेकिन यहां पक्के घर का सपना पूरा करना बड़ा मुश्किल लगता है।